रमजान माह की तीसरे जुमे की नमाज शांतिपूर्ण और आपसी सौहार्द के साथ अदा हुई। अकीदतमंदों ने देश में अमन-चैन तथा सौहार्द कायम करने की दुआ मांगी।
शामली में बड़ा बाजार स्थिज जामा मस्जिद में शाही इमाम मौलाना शौकीन ने नमाज अदा कराई। उन्होंने कहा कि रमजान का दूसरा असरा खत्म होने वाला है। इस महीन में कुरान-ए करीब को नाजिल किया गया। इस महीन में एक रात शब ए कद्र की आती है। इस रात की इबादत हजार महीनों की इबादत के बराबर होती है। इसके बाद अकीदतमंदों ने देश में अमन-चैन तथा सौहार्द कायम करने की दुआ मांगी। इस दौरान शांति व्यवस्था के लिए सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता प्रबंध किए गए थे। इसके अलावा शहर के नया बाजार स्थित हिन्दी वाली मस्जिद, आजाद चौक स्थित कुरैशियान मस्जिद, फव्वारा चौक स्थित गढ़ी वाली मस्जिद, भटयारों वाली मस्जिद, दिल्ली रोड स्थित मदरसा इमदादिया रशीदिया, कलंदरशाह मस्जिद, फतेहपुरी मस्जिद, चांद मस्जिद, नूरानी मस्जिद, सलेक विहार स्थित मुहम्मदी मस्जिद, सरवर पीर मस्जिद, जैन मोहल्ला स्थित तकिये वाले मस्जिद में भी जुमे की नमाज अदा कराई गई।
कांधला में मरकज वाली मस्जिद में इमाम हाफिज यूनुस, फूस वाली मस्जिद में मौलाना राजी सईद, हौज वाली मस्जिद में इमाम कमरूज्जमां व देहात क्षेत्र के गांव मलकपुर की जामा मस्जिद में कारी मुबारक अली, गांव गढ़ी दौलत के जामिया बदरूल उलूम में हजरत मौलाना आकिल साहब व गांव गंगेरु की जामा मस्जिद में मौलाना रऊफ साहब ने नमाज अदा कराई। सुरक्षा की दृष्टि से मस्जिदों के बाहर पुलिस बल तैनात रहा। इस मौके पर मस्जिद के मुतवल्ली फिरोज खान, इंतजार, रियासत अली, मजीद, मोहम्मद समी, आमिर, सुहेल, मोहम्मद कैफ आदि मौजूद रहे।
कैराना में तीसरे जुमे की नमाज कस्बे प्राचीन जामा मस्जिद में अदा की गई। मौलाना फैजान साकिब कासमी व मौलाना तंजीम नदवी ने कहा कि रमजान शरीफ में अल्लाह अपने बंदों के सब्र का इम्तिहान लेते हैं, जिसका अज्र अल्लाह खुद देते हैं। रमजान में जो भी जायज दुआ सच्चे मन से मांगी जाती है, वो अवश्य कुबूल होती है। जामा मस्जिद के अलावा शाही दरबार वाली, सराय वाली, ताजखां शहीद वाली, पीपलो वाली, शाहजो वाली, ईदगाह वाली, मक्की, धोले पीर वाली, इब्राहीमपुरा वाली, बीबो वाली, एमपी वाली, टोली वाली, नवाब तालाब वाली, मदरसा इशातुल इस्लाम वाली मस्जिद सहित गांव नंगलाराई, गंदराऊ, मोहम्मदपुर राई, रामड़ा, भूरा, तितरवाड़ा, पंजीठ, इस्सोपुर खुरगान आदि गांवों की मस्जिदों में भी अकीदतमंदों ने नमाज अदा की। शामली बस स्टैंड वाली मस्जिद में अकीदतमंदों की भीड़ अत्याधिक होने के कारण सड़क पर नमाज अदा की गई। इस दौरान कुछ देरी के लिए मार्ग पर वाहनों का आवागमन भी बाधित रहा। दूसरी तरफ, शिया जामा मस्जिद में भी रमजान के तीसरे जुमे की नमाज अदा कर अमन-चैन की दुआ मांगी गई।