शामली। केंद्रीय चुनाव आयोग का निर्णय आने पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव हो गए हैं और साइकिल का सिंबल पर भी उन्हीं का हक है। जिले में घोषित सपा प्रत्याशियों का कहना है कि अब कोई विवाद नहीं रहा। विधानसभा चुनाव अखिलेश यादव के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा। अखिलेश यादव या मुलायम सिंह यादव में से किसके साथ रहने के सवाल पर उनका कहना है कि हम दोनों के साथ हैं।
सोमवार को ही चुनाव आयोग ने साइकिल के सिंबल को लेकर अपना निर्णय सुनाया। इसको लेकर दिन भर सपा नेताओं में भी बेचैनी रही। क्योंकि चर्चाएं चल रही थी कि चुनाव आयोग साइकिल के सिंबल को फ्रीज कर सकता है, जिसके चलते विधानसभा चुनाव के दौरान परेशानी पैदा हो सकती थी।
हालांकि चुनाव आयोग ने साइकिल के सिंबल पर अखिलेश यादव के पक्ष में फैसला कर दिया, जिससे सपा नेताओं ने राहत की सांस ली। थानाभवन से सपा प्रत्याशी एवं जिलाध्यक्ष किरणपाल कश्यप का कहना है कि हम समाजवादी हैं, मुलायम सिंह यादव हमारे नेता हैं और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नेतृत्व में हमें चुनाव लड़ना है।
हमारे लिए दोनों ही बराबर हैं। उन्हें भरोसा है कि अब किसी तरह का विवाद नहीं रहेगा और एकजुट होकर विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। कैराना से सपा प्रत्याशी नाहिद हसन का कहना है कि हम पहले ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ रहने का निर्णय कर चुके हैं।
आगामी चुनाव अखिलेश यादव के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा। इसी तरह शामली विधानसभा सीट से घोषित सपा प्रत्याशी मनीष चौहान का भी कहना है कि हम अखिलेश यादव के साथ हैं और रहेंगे। वहीं, उनका कहना है कि नेताजी मुलायम सिंह यादव हमारे आदर्श हैं और उनका आशीर्वाद हमें मिलता रहेगा।
गौरतलब है कि बीते दिनों मुलायम सिंह यादव ने जब अलग सिंबल पर चुनाव लड़ने की बात कही थी, तो शामली जिले की सीटों पर भी उनके नेतृत्व में चुनाव लड़ने वालों की सूची मांगी गई थी। उसमें कैराना और शामली सीट पर दो नाम भी मुलायम सिंह यादव खेमे को भेजे गए थे।