शामली। शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव लिलौन में प्राॅपर्टी डीलर के कार्यालय में एक नवंबर की रात चोरी होना बतया था।
अब पुलिस ने इसका खुलासा करते हुए बताया अकाउंटेंट ने ऑनलाइन गेम में हारने के बाद लगभग 18 लाख रुपये अपने बैंक खाते में जमा कर लिए थे। इस रकम को हड़पने के लिए उसने चोरी की झूठी सूचना बिल्डर को दी थी। पुलिस का कहना है कि अकाउंटेंट के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
जिला मेरठ के थाना परतापुर क्षेत्र के डूंगरावली निवासी प्रॉपर्टी बिल्डर अरुण कुमार ने एक नवंबर को शहर कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि गांव लिलौन में वह काॅलोनी काट रहा है। तीसरी मंजिल पर पैसे के लेनदेन के लिए कमरा बना रखा है।
उसकी देखरेख गौरव तोमर निवासी गांव हिलवाड़ी जिला बागपत करता है। अरुण ने कार्यालय में रखी अलमारी का ताला तोड़कर कैश, सीसीटीवी कैमरा और डीवीआर चोरी होना बताया था। इसमें पुलिस को मौखिक तौर पर 60 लाख रुपये चोरी होने की सूचना दी गई थी।
बृहस्पतिवार को पुलिस ने इस घटना का खुलासा करते हुए बताया कि गौरव तोमर बतौर अकाउंटेंट 30 हजार रुपये प्रति महीना पर प्रॉपर्टी डीलर के यहां करीब तीन साल से नौकरी कर रहा है।
पुलिस के मुताबिक इस मामले में गौरव तोमर से पूछताछ की तो उसने बताया कि कार्यालय में चोरी की घटना नहीं हुई थी। वह ऑनलाइन गेम खेलता था, जिसमें वह काफी मोटी रकम हार गया था। हारी गई रकम की पूर्ति करने के लिए उसने करीब 18 लाख रुपये अपने अकाउंट अलग-अलग में जमा कराए थे।
इसकी जानकारी किसी को न हो सके, इससे बचने के लिए उसने चोरी की घटना दिखाने की योजना बनाई। गौरव ने पुलिस को बताया कि वह 30 अक्तूबर को दिवाली की छुट्टी पर घर गया था।
इसके बाद अगले दिन 31 अक्तूबर की रात को वह कार्यालय पर पहुंचा और उसके मुख्य दरवाजे का ताला खोला और फिर अंदर अलमारी का ताला तोड़कर चला गया। वह सीसीटीवी कैमरा व डीवीआर भी अपने साथ ले गया था।