शामली/कैराना। केंद्रीय संघर्ष समिति के आह्वान पर जिला बार एसोसिएशन ने शामली कचहरी में प्रदर्शन कर रजिस्ट्री दफ्तर पर तालाबंदी कर दी। वहीं कैराना में भी बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और अन्य अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने कहा कि हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर 26 फरवरी तक न्यायिक कार्यों से विरत रहेंगे।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के लिए सोमवार को जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बिजेंद्र कुमार के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया। इसके बाद रजिस्ट्रार कार्यालय पर पहुंचकर तालाबंदी करने के बाद नायब तहसीलदार सुरेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान जिला बार एसोसिएशन सचिव नीलकमल, विवेक कुमार, चंद्रवीर सिंह, मुकेश गर्ग, प्रदीप पंवार, अशोक राणा, रामफूल, योगेश शर्मा, ठाकुर जसपाल सिंह, ओमपाल सिंह, सतेंद्र धीरयान सहित अन्य अधिवक्ता भी मौजूद रहे।
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बिजेंद्र कुमार ने बताया कि 26 फरवरी तक अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से विरत रहेंगे। उधर, कैराना कचहरी में भी अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से विरत रहे। कैराना बार एसोसिएशन के अध्यक्ष खड़क सिंह चौहान की अध्यक्षता एवं महासचिव संजय कश्यप के संचालन में सभा की गई।
जिसमें अधिवक्ताओं ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना न होने पर केंद्र और प्रदेश सरकार की आलोचना की। अधिवक्ताओं ने कहा कि सस्ते एवं सुलभ न्याय के लिए हाईकोर्ट बेंच स्थापना की मांग चार दशक से हो रही है, लेकिन मांग पूरी नहीं होने की वजह से वादकारियों को सैकड़ों किमी का सफर तय करके हाईकोर्ट जाना पड़ता है। इसके बाद सभी अधिवक्ता जुलूस की शक्ल में तहसील उपनिबंधक कार्यालय (रजिस्ट्रार) पर पहुंचकर तालाबंदी कर दी।
वहां से नारेबाजी करते हुए तहसील मुख्यालय पर पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम दुष्यंत कुमार मौर्य को सौंपा। ज्ञापन में कहा कि यदि सरकार बेंच स्थापना के पक्ष में पांच दिन के अंदर फैसला नहीं लिया, तो उत्तर प्रदेश के अधिवक्ता 26 फरवरी को दिल्ली प्रेस क्लब पर एकत्र होकर आंदोलन की रणनीति तैयार करेंगे।
मौके पर बार अध्यक्ष खड़क सिंह चौहान, महासचिव संजय कश्यप, शैलेंद्र चौधरी, दिनेशचंद शर्मा, प्रदीप जैन, आलोक चौहान, विशाल गोयल, इंतजार अहमद, संजय सिंह, बीरसैन पंवार, मुनेंद्र सिंह, शालिनी कौशिक, मनीष कौशिक, शगुन मित्तल, मोहम्मद मुस्तफा, आरिफ सिद्दीकी, नसीम अहमद, सत्यवीर, नीरज चौहान, ईश्वरचंद जाटव, रवि वालिया, राजबीर सिंह, सरवेज जंग और राधेश्याम गोयल आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।