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-पूर्व कैबिनेट मंत्री स्व. बाबू हुकुम सिंह के प्रयासों से 1999 में मिली महाविद्यालय की सौगात
-कालेज में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने वाली है और छात्र-छात्राएं तैयारियों में जुटे हैं
कैराना। श्री विजय सिंह पथिक महाविद्यालय में शिक्षा ग्रहण करना कैराना व आसपास के क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए गौरव की बात है। यही वजह कि अधिकतर विद्यार्थी इस महाविद्यालय में प्रवेश पाना चाहते हैं। महाविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने वाली है, जिसकी तैयारी में छात्र-छात्राएं अभी से जुटे हैं।
-महाविद्यालय का इतिहास
क्षेत्र के छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए पहले शामली या कांधला जाना पड़ता था। पूर्व कैबिनेट मंत्री स्व. बाबू हुकुम सिंह के प्रयासों से कैराना में 24 साल पहले विजय सिंह पथिक महाविद्यालय का उद्घाटन हुआ था। इसके बाद क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए अब दूसरे शहरों में नहीं भटकना पड़ता।
कैराना क्षेत्र में बच्चों को शिक्षित करने के उद्देश्य से पूर्व कैबिनेट मंत्री स्व. बाबू हुकुम सिंह ने कैराना में विजय सिंह पथिक महाविद्यालय का निर्माण कराया था। महाविद्यालय का नाम बुलंदशहर के गांव गुठावली कलां निवासी गुर्जर बिरादरी के स्वतंत्रता सेनानी विजय सिंह पथिक उर्फ भूप सिंह गुर्जर के नाम पर रखा गया था। 1999 में महाविद्यालय में शिक्षा का कार्य शुरू होने के बाद आसपास के क्षेत्र के छात्र-छात्राएं विजय सिंह पथिक महाविद्यालय में ही शिक्षा हासिल करने के लिए प्रयासरत रहते हैं। महाविद्यालय में बड़ा खेल का मैदान है और शिक्षा का स्तर भी काफी अच्छा है।
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-महाविद्यालय में विभिन्न विषयों की सीटों की संख्या
विजय सिंह पथिक महाविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. राकेश सहजवाल ने बताया कि महाविद्यालय में बीए प्रथम वर्ष के लिए 293 सीटें, बीएससी जीव विज्ञान में 80 सीटें, बीएससी गणिती में 80 सीटें, बीएससी कंप्यूटर साइंस में 80 सीटें और बीकॉम में 80 सीटें उपलब्ध हैं। एमए में 5 विषय हिंदी, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, इतिहास और राजनीतिक विज्ञान की 60 सीटें, एमकॉम की 60 सीटें और एमएससी बॉटनी में 15 सीटें उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि एक सेक्शन में 60 सीटों का प्रावधान है। प्राचार्य अपने विवेक पर 30 तक सीटें बढ़ा सकते हैं। इसलिए प्रत्येक विषय में 60 सीटों के स्थान पर 80 सीट कर दी गई हैं। विद्यालय में नए एडमिशन के लिए ऑनलाइन फार्म भरे जाने के साथ ही महाविद्यालय पर भी ऑनलाइन फार्म भरे जाने के लिए चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी प्रशासन से बात चल रही है।