कैराना। यूपी हरियाणा सीमा पर ग्राम मवी और बल्हेड़ा में ग्राम समाज की भूमि पर कुर्क की गई गेहूं की फसल को प्रशासन ने नीलाम करा दिया है। पूर्व में कुर्क होने के बावजूद हरियाणा के किसान चोरी से फसल काटकर ले जा रहे थे, जिस कारण प्रशासन ने गंभीरता दिखाते हुए बची हुई फसल सोमवार को नीलाम करा दी।
कैराना तहसील क्षेत्र के गांव मवी और बल्हेड़ा में ग्राम समाज की भूमि पर कब्जा करके गेहूं की फसल बो रखी थी। इसके चलते यूपी और हरियाणा के किसानों में तनाव बना हुआ था और बल्हेड़ा गांव के किसान राजेश की हरियाणा के किसानों ने हत्या भी कर दी थी। पिछले दिनो एसडीएम कैराना दुष्यंत कुमार मौर्य ने गांव मवी में 55 हेक्टेयर तथा बल्हेड़ा में 250 बीघा ग्राम समाज की भूमि पर खड़ी गेहूं की फसल कुर्क कर ली थी। उक्त भूमि का क्षेत्र सुनसान होने व हरियाणा के नजदीक होने के कारण हरियाणा के लोग कुर्क फसल को चोरी से काटकर ले जाते रहे।
मवी में कुर्क कुल 55 हेक्टेयर फसल में से केवल 2.8 हेक्टेयर फसल ही बाकी बची थी, जबकि बल्हेड़ा में 250 बीघा कुर्क फसल में से केवल 70 बीघा फसल बाकी रही। सोमवार को कैराना तहसील में फसल की नीलामी के दौरान मवी की 2.8 हेक्टेयर गेहूं की फसल मवी निवासी दिलशाद के नाम 71 हजार रुपये में तथा बल्हेडा की 70 बीघा फसल बल्हेड़ा निवासी किशन कुमार के नाम 80 हजार रुपये में नीलाम हुई।
वहीं, तहसीलदार राकेश कुमार त्यागी ने बताया कि दोनो किसानो ने जमानत राशि 10-10 हजार रुपये जमा करा दी है। किसानों की मांग पर पुलिस सुरक्षा में नीलाम की गई फसल कटवाई जाएगी।
चार भाइयों सहित सात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
कैराना। कुर्क फसल में से 670 बीघा फसल चोरी से काटने के मामले में सर्वे लेखपाल की तहरीर पर हरियाणा के चार भाइयों सहित सात नामजद व अन्य अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। मुकदमा दर्ज कर लिया है। हरियाणा-यूपी सीमा विवाद के चलते एसडीएम कैराना दुष्यंत कुमार मौर्य ने गांव मवी में 825 बीघा गेहूं की फसल कुर्क की थी।
एक सप्ताह पूर्व भी हरियाणा के किसानों ने चोरी से 50 बीघा फसल काट ली थी, जिस पर कैराना कोतवाली में हरियाणा के तीन किसानों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। वहीं, रविवार को पुलिस प्रशासन जब मौके पर पहुंचा तो वहां 670 बीघा फसल और काटने का पता चला। इस पर सर्वे लेखपाल जमना प्रसाद ने कैराना कोतवाली में रविंद्र, कुष्ण, बिजेंद्र, रामपाल तथा सतीश, सतपाल व प्रताप निवासी गांव रीशपुर थाना सनौली हरियाणा और अन्य अज्ञात के खिलाफ चोरी से फसल काटने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई है। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है, जांच की जा रही है।
यूपी-हरियाणा सीमांकन के लिए नए सिरे से लगेंगे पिलर
कैराना।कई दशक पुराने यमुना खादर के यूपी - हरियाणा सीमा विवाद का समाधान करने के लिए दीक्षित आयोग के मुताबिक सर्वे कर सीमांकन के लिए नए सिरे से पिलर लगाए जाएंगे। उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद ने इस कार्य के लिए पांच लाख रुपये की धनराशि भेज दी है।
यमुना नदी की धारा के बदलते रहने के कारण यूपी और हरियाणा के बीच सीमा विवाद कई दशक से चल रहा है। 1974 में दीक्षित आयोग का गठन होने पर उस समय यमुना की मध्य धारा को दोनों प्रदेशों की सीमा मानकर पिलर लगाए गए थे। समय व्यतीत होने के साथ ही अधिकतर पिलर भी नष्ट हो गए। इस कारण दोनों प्रदेशों के किसानों की बीच सीमा का विवाद भी समाप्त नहीं हो सका। कैराना तहसीलदार राकेश कुमार त्यागी ने बताया कि यूपी में सीमा पर पिलर लगाने का कार्य लोक निर्माण विभाग के अधीन आता है।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता ने 26 दिसंबर 2017 को सर्वे आफ इंडिया के चंडीगढ़ कार्यालय को पत्र भेजकर कहा था कि कैराना तहसील के 16 गांवों से लगती हरियाणा की 46 किलोमीटर लंबी सीमा तथा ऊन तहसील की हरियाणा सीमा का 1974 के दीक्षित आयोग के अनुसार सर्वे करके सीमांकन कराया जाए, ताकि सीमा पर नए पिलर लगाए जा सकें। तहसीलदार ने बताया कि पिलर लगाने के लिए राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश ने डीएम के माध्यम से पांच लाख रुपये की धनराशि भी लोक निर्माण विभाग को जारी कर दी है। सर्वे आफ इंडिया द्वारा सर्वे और सीमांकन पूरा होने पर नए पिलर लगा दिए जाएंगे।