कैराना। गेहूं का समर्थन मूल्य घोषित होने केे बाद कैराना के खरीद केंद्र पर एक भी दाना गेहूं का बिक्री के लिए नहीं पहुंचा हैं। इस बार गेहूं खरीद का लक्ष्य पांच हजार क्विंटल है। खरीद केंद्र पर बोरों और धनराशि की व्यवस्था है, लेकिन किसान गेहूं लेकर नहीं आ रहे हैं।
यूपी में गेहूं की फसल कटनी शुरू हो गई है। मवी गांव निवासी शिवकुमार ने बताया कि उसने 55 बीघा गेहूं बो रखा है तीन चार दिन बाद गेहूं काटा जाएगा। वो अपना गेहूं हरियाणा की मंडी में बेचेंगे। हरियाणा के आढ़ती से पैसा भी एडवांस लिया जाता है। साथ ही गेहूं का नकद भुगतान मिलता है। जबकि सरकारी गेहूं खरीद केंद्र पर झरने से गेहूं निकाल कर खरीदा जाता है। मोहल्ला आलखुर्द निवासी अयूब ने बताया कि झिंझाना रोड पर उसने 33 बीघा गेहूं बोया था। गेहूं कटने में पांच छह दिन शेष हैं। वो गेहूं को हरियाणा की संभालका मंडी में बेचेंगे। वहां नकद कीमत मिलने के साथ ही फसल बोने के समय एडवांस मिल जाता है। आलकलां निवासी भूरा ने बताया कि गन्ना की पर्ची देरी से आने के कारण जमीन ज्यादा खाली नहीं हो पाई थी इसलिए थोड़ी जमीन में गेहूं बोया था। जिससे परिवार के खाने के लिए रख लिया जाएगा। उधर गेहूं खरीद केंद्र के प्रभारी सुनील साहू ने बताया कि उनका लक्ष्य पांच हजार क्विंटल गेहूं खरीदने का है। अभी गेहूं अधिकतर खेतों में से नहीं कटा है। जैसे ही गेहूं आना शुरू होगा तो उनके केंद्र पर खरीदारी शुरू हो जाएगी।