थानाभवन के बालाजी मंदिर में सुंदरकांड के दौरान बैठी महिलाएं। संवाद
थानाभवन। श्री बालाजी धाम में मंगलवार को सुंदरकाड पाठ में आचार्य रामानुज शास्त्री ने कहा कि सुंदरकांड से शिक्षा लेनी चाहिए। इसके गुण और संस्कारों को जीवन में उतारना चाहिए। यह मानव को भक्तिवान ,गुणवान, कर्मनिष्ठ संस्कारी बनाता है।
चित्त और वित्त की स्थिति लगभग एक जैसी है। चित्त अर्थात मन को काबू में रखना असंभव सा है, वैसे ही धन को भी मुट्ठी में बंदकर नहीं रखा जा सकता। जीवन में उत्कर्ष के लिए संघर्ष जरूरी है। सुख के क्षणों में अहंकार को जीतने वाला और दुख के क्षणों में धैर्य रखने वाला ही वास्तव में इस जीवन रूपी महासंग्राम का एक सफल योद्धा है। इस मौके पर रश्मि गर्ग, सुनिता अग्रवाल, अनिता गोयल, किरण गर्ग ,सोनिया गोयल, शिल्पी गोयल ,निधि, दीपा आदि मौजूद रही