तीसरी लहर में करीब साढ़े छह लाख लोग असुरक्षित
शामली। अगस्त में संभावित बताई जा रही कोरोना की तीसरी लहर ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। इस चिंता के बीच लोग कोरोनारोधी वैक्सीन का टीका लगवाकर सुरक्षित होना चाहते हैं, लेकिन जिले की बड़ी आबादी अभी टीके से वंचित है। 18 से अधिक आयु के लगभग साढ़े छह लाख लोगों को अभी टीका नहीं लगा है। बीते सात माह में लगभग 2.65 लाख लोगों को टीके की पहली डोज तथा 40 हजार दूसरी डोज लग चुकी है।
चिकित्सा विशेषज्ञों ने कोरोना की तीसरी लहर तीन सप्ताह बाद आने का अंदेशा जताते हुए लोगों को सावधानी बरतने को कहा है। विशेषज्ञों ने भीड़ और लापरवाही को तीसरी लहर का कारण मानते हुए लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। जिले की वर्तमान में जनसंख्या लगभग 15 लाख है। टीकाकरण की स्थिति देखें तो 16 जनवरी से अब तक यानी सात माह में करीब 2.65 लाख लोगों को पहली डोज के टीके लगे हैं जबकि दूसरी डोज लगभग 40 हजार लोगों को लगी है। जिले में 18 साल से अधिक उम्र के करीब नौ लाख लोग हैं। पांच साल तक की उम्र के करीब 36 हजार बच्चे हैं।
छह से 18 साल तक की जनसंख्या लगभग 2.20 लाख है। इस तरह से देखा जाए तो जिले में बड़ी जनसंख्या ऐसी है जिन्हें अभी टीका नहीं लग पाया। इनमें अभी तक 18 साल से कम वालों के लिए तो टीका आया ही नहीं है, जबकि कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों को ज्यादा प्रभावित होने का अंदेशा जताया जा रहा है। कुल मिलाकर देखा जाए तो जिस रफ्तार से टीकाकरण चल रहा है, उसे देखते हुए सभी लोगों को टीकाकरण करने में लंबा समय लगेगा।
वैक्सीन की कमी से टीकाकरण प्रभावित
जिले में कोरोनारोधी वैक्सीन की कमी से टीकाकरण रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। एक जुलाई से गांवों में शुरू होने वाला वृहद टीकाकरण अभियान शुरू नहीं हो पाया। कलस्टर प्रणाली के तहत दो ब्लाक के कुछ गांवों में शुरू हुआ टीकाकरण भी बीच में ही बंद हो गया, जबकि इस प्रणाली के तहत सभी ब्लाक के गांवों में टीकाकरण होना था। टीका लगवाने के लिए लोग उत्साहित है, लेकिन वैक्सीन की कमी होने के कारण कम ही लोगों को टीका लग पा रहा है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन में कुछ ही देर में स्लाट भर जाते हैं।
जिले की जनसंख्या की अनुमानित स्थिति
कुल जनसंख्या : 15 लाख
पांच साल तक के बच्चे : 36000
छह से 18 साल तक : 2.20 लाख
18 साल से अधिक : नौ लाख
पहली डोज का टीका लगा : 2.65 लाख
दूसरी डोज का टीका लगा : 40000
जिले में कोरोनारोधी वैक्सीन की उपलब्धता के आधार पर बूथ बनाकर टीकाकरण किया जा रहा है। ज्यादा से ज्यादा लोगों को टीकाकरण कराने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। - डॉ. आरके सागर, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी।