शामली। अब्बू आज यहां इतने सारे पुलिस वाले अंकल क्यों हैं। ये बार बार हेलीकॉप्टर क्यूं उड़ा रे। मुझे भी ऐसा हेलीकॉप्टर दिला दो ना। मुझे भी उड़ाना है।
शहर के संवेदनशील आजाद चौक पर एक सात-आठ साल का बच्चा अपने अब्बू से इसी अंदाज में सवाल कर रहा था। उसके अब्बू ने पहले तो बच्चे की तरफ देखा और उसे समझाकर घर भेज दिया। इसी तरह के सवाल कई बच्चे अपनों से पूछते दिखे।
दरअसल पिछले जुमे को नमाज के बाद आजाद चौक पर नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में जमा हुई सैकड़ों की भीड़ ने विरोध प्रदर्शन किया था, जिससे माहौल गर्मा गया था। तभी से वहां पुलिस बल तैनात है। शुक्रवार को जुमे की नमाज के कारण आजाद चौक को छावनी बना दिया गया था। एडीएम अरविंद कुमार, एएसपी राजेश श्रीवास्तव के अलावा भारी संख्या में पुलिस और पीएसी बल तैनात था। गलियों में पीएसी गश्त कर रही थी। पुलिस कर्मी ड्रोन कैमरे को उड़ाकर पूरी बस्ती पर निगरानी कर रहे थे। इसी दौरान एक सात आठ साल का बच्चा चौक में आया और ड्रोन कैमरा उड़ा रहे पुलिस कर्मियों के पास खड़ा होकर ये सब देखने लगा। तभी उसके अब्बू वहां आ गए। अब्बू को देख बच्चे ने तपाक से सवाल किया। अब्बू आज यहां पर इतने साले पुलिस वाले अंकल क्यों आए हैं। ये हेलीकॉप्टर क्यों उड़ा रहे हैं। मुझे भी ऐसा हैलीकॉप्टर लाकर दो। बच्चे के मासूम सवाल का उसके पिता के पास कोई जवाब नहीं थी। बच्चे को किसी तरह समझाकर उन्होंने घर भेज दिया।
दरअसल बहुत से बच्चों ने मोहल्ले में अचानक इतनी अधिक पुलिस और ड्रोन उड़ता भी पहली बार ही देखा था इसलिए उनके लिए तो ये सब नया ही अनुभव था। बच्चे बार बार खेलते हुए पुलिसकर्मियों के पास पहुंच जाते थे और परिजन उन्हें पकड़कर ला रहे थे। चौक और गलियों में भारी फोर्स लगी होने की वजह से महिलाएं भी कम ही नजर आई। यहां तैनात एडीएम ओर एएसपी जुमे की नमाज के बाद भी शाम चार बजे तक यहां डटे रहे। दरअसल पिछले जुमे को नमाज के बाद ही यहां भीड़ जमा हुई थी। इसी वजह से अधिकारी भी कोई रिस्क नहीं लेना चाहते थे, हालांकि सामान्य दिनों की अपेक्षा आजाद चौक पर चहल पहल भी कम नजर आई।