शामली। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा संसद में पेश किए गए आम बजट को उद्यमियों ने सराहा है। आम बजट में रेल यात्रियों के लिए अनदेखी की गई है।
आईआईए के संरक्षक प्रसिद्ध उद्यमी पेपर मिल स्वामी अशोक बंसल ने आम बजट की प्रशंसा करते हुए कहा कि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लघु उद्योगों में 50 करोड़ रुपये तक टर्न ओवर के उद्यमी को आयकर में तीस प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत कर दी गई है। बडे़ उद्योगों के लिए जीएसटी में विशेष लाभ दिए जाने की बात कही। आमजन के लिए बजट में टैक्स में ढाई लाख से बढ़ाकर तीन लाख की लिमिट बताते हुए बजट को उत्साह जनक बताया।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुुक्त उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष घनश्यामदास गर्ग ने कहा कि आम में व्यापारियों को विशेष लाभ नहीं दिया गया है। महंगाई के दौर में व्यापारियों के लिए टैक्स में पांच लाख रुपये की आयकर में छूट जरूरी थी। आम बजट में तीन लाख रुपये तक की आय वाले लोगों के लिए पांच प्रतिशत आयकर का प्रावधान किया गया है, जबकि पांच लाख रुपये की आय वाले को टैक्स फ्री होना चाहिए था, किंतु ऐसा नहीं किया गया है। आम बजट में रेलवे की सुविधाओं को ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया है।
सिर्फ ई-टिकट प्रणाली में यात्रियों के टैक्स की छूट जरूर दी गई है। गर्ग के अनुसार आम बजट में युवाओं को रोजगार की व्यवस्था नहीं की गई है, न ही नोटबंदी में उद्यमियों, व्यापारियों व आमजन के घाटे को उभारने के लिए मुआवजे की व्यवस्था नहीं की है। आईआईए के चेयरमैन नरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि आम बजट उद्यमियों, व्यापारियों के लिए राहत वाला है।
शहर की चौधरी चरणसिंह कालोनी निवासी गृहणी बालेश देवी, प्रभा देवी ने कहा आम बजट में रसोई का विशेष ध्यान रखा गया है। जिसमें दाल, तेल की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने की बात कही है।
सेवा निवृत्त प्रवक्ता अर्जुन सिंह व जयनारायण बंसल ने कहा कि बीटेक, सीपीएमटी आईआईटी जैैसी प्रवेश परीक्षा में नई नीति तैयार करने में भ्रष्टाचार खत्म होगा। छात्र अमन ने कहा कि डाकघरों में पासपोर्ट की सुविधा मिलने से डिजिटल प्रणाली लागूूूू होने से भ्रष्टाचार खत्म होगा। माजरा रोड निवासी व्यापारी सुभाष चंद, जयकिशन ने आम बजट को मध्यमवर्ग के लोगों के लिए संतोषजनक माना है। किसान नेता जितेंद्र हुड्डा ने कहा कि बजट में किसान को कर्ज मुक्त बनाने की नीति होनी चाहिए, सरकार किसानों को कर्ज देकर डुबोना चाहती है।