संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। ओडिशा निवासी बबीता सोमवार को अपने पुत्र गौरव के साथ शामली कलक्ट्रेट में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचीं। पीड़िता ने अपने और बेटे को कैंसर पीड़ित बताकर दिल्ली में इलाज कराने के लिए मदद की गुहार लगाई। पीड़िता ने बंग्लादेशी का शक जताने पर हंगामा किया। किसी तरह उसे शांत कराया गया।
डीएम,एसपी को ओडिशा की महिला बबीता ने अवगत कराते हुए कहा कि वह कैंसर से पीड़ित है। मेलों में लगने वाले मौत के कुएं में कार्य कर जीवन यापन करती थी। उसके साथ-साथ उसका बेटा गौरव भी कैंसर से ग्रस्त हो गया। जिला अस्पताल में पुत्र को दिखाया, लेकिन वहां से भी उनको गंभीर बीमारी के चलते हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। अब वह दिल्ली जाकर पुत्र का इलाज कराना चाहती है, लेकिन उसके पास पैसा नहीं है।
एसपी ने महिला से आधार कार्ड मांगा तो महिला आधार कार्ड नहीं दिखा सकी। जिस पर उसके बंगलादेशी होने का पुलिस को शक हुआ तो उसके कागजात की जांच पड़ताल भी की गई। जिस पर महिला ने हंगामा खड़ा कर दिया। महिला का कहना था कि एक तो उसे मदद नहीं दी जा रही, दूसरा उस पर बंग्लादेशी होने का शक जताया जा रहा है।
एसपी रामसेवक गौतम ने बताया कि जांच के बाद महिला के पास ओडिशा के मयूर नगर का प्रमाण पत्र मिला है। डीएम अरविंद कुमार सिंंह ने बताया कि महिला बंग्लादेश की रहने वाली नहीं है। वह इलाज के लिए मदद की गुहार लगा रही थी। बाद में डीएम के अनुरोध पर कलक्ट्रेट के कर्मचारियों ने खुद ही रुपया एकत्रित कर महिला को दिए।