शामली। बढ़ती उम्र में होने वाली बीमारी डायबिटीज अब युवाओं को भी घेर रही है। जिला अस्पताल में इस बीमारी से पीड़ित 20 से 30 वर्ष के युवा भी पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि आरामदायक जीवन शैली और जंक फूड आदि ज्यादा लेने से यह समस्या बन रही है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 125 के करीब डायबिटीज के मरीज आ रहे हैं, जिनमें 20 से 30 वर्ष की आयु के 10-15 मरीज होते हैं। फिजीशियन डॉ. सचिन मलिक ने बताया कि जीवन शैली में बदलाव, खानपान में लापरवाही और शारीरिक गतिविधियों में कमी और मोटापा के कारण डायबिटीज की समस्या बढ़ रही है। युवा वर्ग भी इस बीमारी की चपेट में हैं। युवाओं में जंक फूड का बढ़ता चलन और नियमित व्यायाम न करना और आरामदायक जीवन शैली प्रमुख कारण है। तनाव भी इसका कारण बन रहा है। तनावमुक्त जीवन, खानपान में सुधार और नियमित व्यायाम से इसे नियंत्रित किया जा सका है। समय रहते जीवन शैली में सुधार और नियमित स्वास्थ्य जांच से इस बीमारी से बचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि डायबिटीज के मरीजों को चिकित्सक की सलाह से समय-समय पर जांच व दवा लेनी चाहिए।
इस तरह से आ रहे केस
25 वर्षीय जोनी ने बताया कि उसे बार-बार पेशाब आता है और प्यास ज्यादा लगती है। जांच कराई तो डायबिटीज की समस्या बताई। 23 वर्षीय मोहित ने बताया कि उसे बार-बार प्यास लगती है और मुंह सूखता है। अचानक वजन भी घटने लगा था। उसने अस्पताल में जांच कराई तो डायबिटीज की समस्या बताई। 22 वर्षीय सुमन ने बताया कि वह जंक फूड ज्यादा खाती थी। इससे मोटापे की समस्या बन गई। शरीर में थकान महसूस होने लगी। चिकित्सक की सलाह से जांच कराई तो डायबिटीज होना बताया।