बेसहारा बच्चों के परिवार के एक सदस्य को मिलेगी नौकरी
शामली। सेंटआरसी. ग्रुप आफ एजुकेशनल इंस्टीट्यूट की बैठक में स्कूल, कॉलेज और आईटीआई में आवश्यकतानुसार कोरोना महामारी के दौरान अनाथ हो गए बच्चों के परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा स्नातक तक निशुल्क शिक्षा दिए जाने का निर्णय लिया गया है।
शनिवार को सेंटआरसी. कान्वेंट स्कूल की प्रबंध कार्यकारिणी की बैठक में सात प्रस्ताव रखे गए। सभी प्रस्तावों को पारित किया गया। पारित प्रस्ताव में परिवार में कमाई का कोई साधन न होने वाले बच्चों को स्कूल निशुल्क शिक्षा देने, बिल्डिंग फीस, वार्षिक शुल्क, डेवलपमेंट शुल्क और खेल शुल्क नहीं लिए जाने का निर्णय लिया गया है। ऐसे छात्र- छात्राओं से सरकार के निर्देशानुसार ऑनलाइन परीक्षाओं के लिए परीक्षा शुल्क नहीं लिए जाने, इस वर्ष जो भी नए बच्चे किसी भी क्लास में स्कूल में प्रवेश लेंगे, उनसे किसी प्रकार का कोई प्रवेश शुल्क भी नहीं लिए जाने पर सहमति हुई है।
बैठक में विद्यालय की प्रधानाचार्या मीनू संगल द्वारा संस्था के सचिव अनिल ठाकुर एवं कोषाध्यक्ष पंकज गर्ग को अवगत कराया कि शामली में कोरोना महामारी ने बहुत कहर बरपाया है। ऐसे में छात्र-छात्राओं की स्कूल मैनेजमेंट से फीस माफ करने, ऑनलाइन परीक्षा शुल्क भी माफ करने की मांग की। प्रधानाचार्य के अनुरोध पर मिशन कार्यकारिणी की ऑनलाइन बैठक में पिछली मीटिंग की पुष्टि का प्रस्ताव पास किया गया। सात प्रस्तावों को सभी की सहमति से पारित कर दिया गया है।
रामचंद्र एजुकेशन मिशन के कोषाध्यक्ष पंकज गर्ग ने सभा को बताया कि मिशन की ओर से दो ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, 20 आक्सीजन सिलिंडर, 100 आक्सीजन फ्लो मीटर, 200 पल्स-ऑक्सीमीटर, 200 स्टीमर को क्रय करके कोरोना चिकित्सा उपयोगी यंत्र बैंक की स्थापना करने का निर्णय लिया।। इस मौके पर अरविंद संगल शामली, अनिल सिंह मुजफ्फरनगर, पंकज गर्ग रुड़की, संजय गोयल मुजफ्फरनगर, विवेक मित्तल शामली, नफीस अहमद शामली, सुशील जिंदल दिल्ली, नंद किशोर मित्तल दिल्ली, अनुज अग्रवाल दिल्ली, चंद्र प्रकाश पांडे दिल्ली, मोहन लाल पौंटा सहाब, घनश्याम अग्रवाल मेरठ, त्रिलोक चंद जिंदल अलीगढ़ मिशन पदाधिकारी एवम श्रीमती मीनू संगल, आदित्य कुमार व आर पी एस मलिक स्कूल प्रतिनिधि उपस्थित रहे।