शामली। जिला अस्पताल में पीपीपी मॉडल पर संचालित डायलिसिस यूनिट में एक मशीन पांच महीने से ज्यादा समय से खराब है। जिस कारण मरीजों को इंतजार करना पड़ रहा है। लगभग 12 मरीज प्रतीक्षा सूची में हैं। अब ठंड के मौसम में मरीजों को डायलिसिस की ज्यादा जरूरत पड़ती है।
जिला अस्पताल में करीब दो साल से पीपीपी मॉडल पर डायलिसिस यूनिट चल रही है। शासन की तरफ से गुर्दे के मरीजों को डायलिसिस की निशुल्क सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। यूनिट में डायलिसिस की चार मशीनें लगाई गई हैं। चार मशीनों पर एक दिन में करीब 16 मरीजों की डायलिसिस हो रही थी, लेकिन पिछले पांच महीने से अधिक समय से एक मशीन खराब पड़ी है, लेकिन इस पर कंपनी के अधिकारियों द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
इस तरह से वर्तमान में चल रही तीन मशीनों पर एक दिन में तीन शिफ्ट में 10-12 मरीजों की ही डायलिसिस हो रही। मशीन खराब होने के कारण 12 मरीज प्रतीक्षा सूची में चल रहे हैं।
कंपनी के गाजियाबाद कार्यालय के मैनेजर अरिजीत सील ने बताया कि मशीन को ठीक कराने के लिए इंजीनियर को बुलाया गया है। जल्द ही मशीन को ठीक कराया जाएगा।
33 मरीजों की हो रही डायलिसिस
जिला अस्पताल में चल रही यूनिट में इस समय 33 मरीजों की डायलिसिस की जा रही है। इनमें दस मरीज हेपेटाइटिस बी व सी पॉजिटिव है। पॉजिटिव वाले मरीजों के लिए एक मशीन अलग कक्ष में लगाई गई है। 23 मरीज हेपेटाइटिस निगेटिव हैं। इनके लिए तीन मशीनें हैं, जिनमें एक मशीन खराब होने से दो मशीनों पर ही डायलिसिस की जा रही है। यूनिट इंचार्ज मधु शर्मा ने बताया मरीजों को शेड्यूल के अनुसार डायलिसिस के लिए बुलाया जाता है। एक महीने लगभग 250 डायलिसिस हो रही है। एक महीने पर मरीज की तीन से चार बार डायलिसिस होती है।
डायलिसिस यूनिट में खराब चल रही मशीन को ठीक कराने के लिए संबंधित कंपनी को तीन बार पत्राचार किया जा चुका है। इस संबंध में कंपनी के अधिकारियों से भी वार्ता की गई है। जल्द ही मशीन का ठीक कराया जाएगा।
- डॉ. किशोर कुमार आहूजा, सीएमएस जिला अस्पताल