शामली। केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के आह्वान पर दवा विक्रेताओं के एक गुट ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। दवा विक्रेताओं ने कलक्ट्रेट पहुंचकर अपनी मांगो से संबंधित ज्ञापन डीएम इंद्र विक्रम सिंह को सौंपा।
मंगलवार को ऑल इंडिया आर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट, उत्तर प्रदेश केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट फेडरेशन के संयुक्त आह्वान पर दवा प्रतिष्ठान बंद रहे। केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन शामली के अध्यक्ष सुभाष तोमर और सचिव दीपक गुप्ता के नेतृत्व में दवा विक्रेताओं के एक गुट ने मांगों को लेकर प्रगति मार्केट बुढ़ाना रोड और अस्पताल रोड पर अपने प्रतिष्ठान बंद रखे।
दवा विक्रेताओं में शामिल केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष तोमर, कोषाध्यक्ष कुलदीप गोयल, सचिव दीपक गुप्ता आदि ने कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन डीएम को सौंपा।
ज्ञापन में अवगत कराया कि उत्तर प्रदेश के फुटकर औषधि विक्रेताओं के यहां अनिवार्य रूप से पंजीकृत फार्मेसिस्ट तैनात किए जाने संबंधी नियम की आड़ में औषधि निरीक्षकों द्वारा उत्पीड़न किया जा रहा है।
ज्ञापन में दवा कारोबारियों का उत्पीड़न रोके जाने की मांग की है। प्रदेश में फार्मेसिस्ट व ड्रग लाइसेंस नवीनीकरण समस्याओं का अविलंब निदान करने, ऑनलाइन फार्मेसी, केंद्रीय ई-पोर्टल का विचार केमिस्टों को स्वीकार नहीं है। उधर, दवा विक्रेताओं के दूसरे गुट के शामली केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष देवराज सिंह मलिक ने जारी प्रेस नोट में केमिस्ट एसोसिएशन के देशव्यापी बंद को विफल होने का दावा किया है।
केंद्रीय दवा कानून में संशोधन की मांग की गई। कहा कि इससे 8.50 लाख केमिस्ट और 50 लाख कर्मचारी प्रभावित होंगे। सुभाष तोमर, कुलदीप गोयल, सचिव दीपक गुप्ता, अरविंद, योगेश, अमित, मनीष, अनिल, सुभाष, पंकज, अमीचंद, नवीन, अनुज, सुभाष, योगेंद्र, संजीव मलिक, गौरव मौजूूद रहे।