शामली। न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने खराब एलईडी बल्ब देने के मामले में सुुनवाई की। आयोग ने बल्ब के दो प्रोपराइटर व निर्माण कंपनी पर 42 हजार रुपये का जुर्माना अदा करने का आदेश सुनाया है।
शहर के आईडीएस पब्लिक स्कूल के प्रबंधक कार्तिक सरोहा ने 24 मार्च 2022 को आयोग में मैसर्स शिव एंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर मनोज कुमार दयानंद नगर शामली, एमडी ट्रेडर्स शास्त्री नगर मेरठ के प्रोपराइटर व सिस्का एलईडी लाइट्स प्राइवेट लि. पुणे महाराष्ट्र के विरुद्ध परिवाद दायर कराया। परिवादी ने बताया कि उसने अपने स्कूल में एलईडी बल्ब खरीदने के लिए मनोज कुमार से संपर्क किया।
उसने सिस्का कंपनी द्वारा निर्मित बल्ब दिखाए और प्रत्येक एलईडी बल्ब पर दो साल की वारंटी बताई। 12 जून 2020 को कंपनी के 150 एलईडी बल्ब 10110 रुपये का भुगतान कर खरीदे। कुछ समय बाद एलईडी बल्ब खराब होने शुरू हो गए। वह मनोज की दुकान पर खराब बल्ब के बदले नई बल्ब लेने गया तो उसने एमडी ट्रेडर्स मेरठ से नई एलईडी बल्ब न आने के कारण देने में असमर्थता जताई।
आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता ने परिवाद को स्वीकार करते हुए तीनों विपक्षियों को आदेशित किया कि त्रुटिपूर्ण उत्पाद व समस्या का समाधान न करने के कारण परिवादी को हुई आार्थिक, मानसिक व शारीरिक क्षति हेतु क्षतिपूर्ति के लिए 12 हजार रुपये और विपक्षी तीन बल्ब कंपनी को विनिर्माण त्रुटि व एमडी ट्रेडर्स को खराब उत्पाद सेवा के लिए उन पर 30 हजार का अर्थदंड अधिरोपित किया।
अर्थदंड की धनराशि नियमानुसार राजकोष जमा की जाएगी। साथ ही आदेश का पालन न करने पर उनके विरुद्ध उपभोक्ता अधिनियम के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई।