शामली। सोशल मीडिया पर रील और व्हाट्सएप-इंस्टाग्राम पर स्टेटस लगाने का बढ़ता चलन अब परिवारों की खुशियों को भी प्रभावित कर रहा है। ऑनलाइन तंज, व्यंग्य और कमेंटबाजी के कारण सास-बहू के रिश्तों में दूरियां बढ़ रही हैं। स्टेटस पर कमेंट्स से शुरू होने वाले विवाद अब घर की चौखट लांघकर वन स्टॉप सेंटर तक पहुंच रहे हैं। वन स्टॉप सेंटर पर दो माह में ऐसे 14 मामले सामने आए हैं। इनमें से चार मामलों में काउंसलिंग के जरिए समझौता कराया जा चुका है, जबकि अन्य मामलों में दोनों पक्षों की काउंसलिंग जारी है।
रील पर तंज, बढ़ा विवाद
रेलपार क्षेत्र की एक विवाहिता ने 12 जुलाई को वन स्टॉप सेंटर में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि वह इंस्टाग्राम और फेसबुक पर मनोरंजन के लिए रील बनाकर साझा करती है, लेकिन उसकी सास और ननद हर पोस्ट पर तंज भरे स्टेटस लगाती हैं। काउंसलिंग के दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर सोशल मीडिया के जरिए टिप्पणी करने की बात स्वीकार की। फिलहाल समझौते का प्रयास किया जा रहा है।
दहेज उत्पीड़न निकला स्टेटस का विवाद
कैराना के मोहल्ला रायजादगान की एक विवाहिता ने दहेज उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी। काउंसलिंग में सामने आया कि पति, सास और बहू के बीच व्हाट्सएप स्टेटस पर एक-दूसरे पर कटाक्ष करने को लेकर विवाद चल रहा था। बातचीत के बाद दोनों पक्षों में समझौता करा दिया गया।
बहुओं की टिप्पणी से आहत हुई सास
शहर के काजीवाड़ा निवासी 53 वर्षीय महिला ने भी वन स्टॉप सेंटर में शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप है कि सोशल मीडिया पर रील डालने पर उनकी दोनों बहुएं आपत्तिजनक टिप्पणियां करती हैं और उनका मजाक उड़ाती हैं। मामले में काउंसलिंग कराई जा रही है।
विशेषज्ञों की राय
वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी गजाला त्यागी ने बताया कि सोशल मीडिया पर स्टेटस, रील और कमेंट को लेकर पारिवारिक विवाद बढ़ रहे हैं। छोटी-छोटी बातें अहम का विषय बन जाती हैं और रिश्तों में दरार पैदा कर देती हैं। ऐसे मामलों में दोनों पक्षों की काउंसलिंग कर समझौता कराने का प्रयास किया जाता है।
ऐसे बचाएं रिश्ते
पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार,
सोशल मीडिया के स्टेटस या पोस्ट को व्यक्तिगत टिप्पणी मानने से बचें।
परिवार के सदस्यों से आमने-सामने बातचीत कर गलतफहमी दूर करें।
गुस्से में तंज भरे स्टेटस या कमेंट पोस्ट करने से बचें।
रील और सोशल मीडिया के उपयोग का समय सीमित रखें।
पारिवारिक विवाद को सोशल मीडिया पर ले जाने के बजाय घर में बातचीत से सुलझाएं।
समस्या बढ़ने पर काउंसलिंग या विशेषज्ञ की सलाह लेने में संकोच न करें।