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Shamli Encounter: यहां बुना गया आपराधिक दुनिया का ताना बाना, अरशद के राईट हैंड मंजीत-सतीश के बारे में भी पढ़े

Thu, 23 Jan 2025 09:36 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली

सार

शामली करनाल बाॅर्डर पर हुई मुठभेड़ के दाैरान एसटीएफ ने चार बदमाशों को ढेर कर दिया। एक इंस्पेक्टर भी मुठभेड़ में घायल हो गए थे, जिन्होंने अस्पताल में मंगलवार को उपचार के दाैरान दम तोड़ दिया।
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बदमाश अरशद, मंजीत और सतीश - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सोनीपत की जेल में कुछ समय पूर्व रहने के दौरान अरशद और सोनीपत के मंजीत में गठबंधन हुआ और गैंग को आगे बढ़ाने का तानाबाना तैयार किया। 
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एसटीएफ के अनुसार कुछ समय पूर्व ही मंजीत और अरशद सोनीपत की जेल में बंद थे। जहां पर दोनों की दोस्ती हुई। अरशद पहले से ही मुकीम और कग्गा गैंग चला रहा था। अरशद के कहने पर ही मंजीत और अन्य गिरोह से जुड़े।

एसटीएफ अब यह पता लगाने में जुट गई कि जेल में दोनों से कौन-कोन मिलने के लिए जाता था? एसटीएफ का कहना है कि सोनीपत जेल के अधिकारियों से संबंध में मदद ली जाएगी।
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गांव उदपुर भटटे के पास पुलिस होई मुठभेड के बाद जांच करती जांच करती फोरेंसिक टीम - फोटो : संवाद
बदमाश अरशद, मंजीत और सतीश के बारे में भी जानिए...
एसटीएफ ने बताया कि गिरोह की कमान संभाल रहे अरशद के खिलाफ पहला मुकदमा 2011 में डकैती का दर्ज हुआ था। इसके बाद उसने सहारनपुर के रामपुर मनिहारान में हत्या की। 29 नवंबर 2024 को बेहट की भारत फाइनेंस कंपनी में सात बदमाशों ने गन प्वाइंट पर लूट की वारदात को अंजाम दिया था, जिसमें अरशद भी शामिल रहा था।
 

मुठभेड़ के बाद बदमाशों के पड़े हथियार - फोटो : संवाद
लूट के बाद तीन बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था जबकि अरशद फरार चल रहा था। सहारनपुर पुलिस ने अरशद पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया हुआ था। 17 दिसंबर को ही इनाम को बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया गया था।

मृतक बदमाश मंजीत का फाइल फोटो - फोटो : संवाद
हत्या के मामले में पैरोल पर था मंजीत
एसटीएफ के अनुसार अभी तक की उनकी जांच में सामने आया है कि मुठभेड़ में मारे गए बदमाश मंजीत दहिया ने वर्ष 2021 में हत्या की थी। हत्या के मुकदमे में उसे बीस साल की सजा सुनाई थी। पांच माह पहले ही वह 40 दिन की पैरोल पर जेल से आया था। इसके बाद वह वापस नहीं गया। तभी से पुलिस उसे तलाश रही थी।
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इंस्पेक्टर सुनील का फाइल फोटो - फोटो : संवाद
इस मुठभेड़ में घायल हएु इंस्पेक्टर सुनील कुमार की उपचार के दौरान मौत हो गई। वह गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती थे। वह शामली में बदमाशों से हुई मुठभेड़ में सोमवार रात घायल हुए थे। डाक्टरों की टीम ने मंगलवार को सुनील के पेट से एक गोली निकाल ली थी लेकिन उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी। एसपी शामली रामसेवक गौतम ने कहा कि इंस्पेक्टर की मौत की सूचना के बाद एक टीम को गुरुग्राम भेजा गया है।
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