शामली। शिवरात्रि से एक दिन पहले तक 9.52 लाख से अधिक शिवभक्त शामली से होकर गुजर चुके थे। नगर पालिका की गणना के अनुसार इनमें डाक कांवड़ वालों की संख्या सबसे अधिक रही। चार लाख से अधिक शिवभक्त डाक कांवड़ लेकर गुजरे। इसके बाद कलश, खड़ी, मूर्ति और झांकी वाली कांवड़ों का नंबर रहा। वर्ष 2025 में शिवरात्रि तक 13 लाख 13 हजार 431 शिवभक्त शामली से होकर गुजरे थे।
हर दस में छह डाक कांवड़ वाले
कांवड़ यात्रा के अंतिम दौर में डाक कांवड़ की रफ्तार इतनी बढ़ी कि हर दस में करीब छह शिवभक्त डाक कांवड़ लेकर गुजरते दिखाई दिए। नगर पालिका की गणना टीम के अनुसार शुरुआत में दो घंटे में दो से पांच हजार शिवभक्त गुजर रहे थे, लेकिन डाक कांवड़ बढ़ने के बाद यही संख्या 20 हजार से 50 हजार तक पहुंच गई।
दर्द लेकर अस्पताल पहुंचे हजारों शिवभक्त
भारी कलश कांवड़ का असर कांवड़ सेवा शिविरों और अस्पतालों में भी दिखाई दिया। बड़ी संख्या में शिवभक्त पैरों, कंधों और पीठ में दर्द की शिकायत लेकर पहुंचे। चिकित्सक डॉ. अक्षय कुमार और शिविर संयोजक कुशांक चौहान के अनुसार भारी वजन उठाने के कारण थकावट और मांसपेशियों में दर्द की शिकायत अधिक रही। विभिन्न अस्पतालों और मेडिकल शिविरों में हजारों शिवभक्तों का उपचार किया गया।
200 से अधिक डाक कांवड़ टीमें पहुंचीं
शामली से इस बार 200 से अधिक डाक कांवड़ टीमों के गुजरने का अनुमान है। एक टीम में 15 से 50 तक शिवभक्त शामिल रहे। ये टीमें दौड़ते हुए निर्धारित समय में गंगाजल अपने गंतव्य तक पहुंचाने में जुटी रहीं। लिलौन निवासी मनोज और सनोज ने बताया कि उनकी टीम पर ढाई लाख रुपये से अधिक खर्च आया। कई टीमों का खर्च चार लाख रुपये तक पहुंच गया।
किसी ने नौ तो किसी ने 14 घंटे का रखा लक्ष्य
डाक कांवड़ में समय की भी अपनी चुनौती रही। सिरसा के डबवाली निवासी अनुज और सुखदेव ने बताया कि उन्होंने हरिद्वार से सिरसा तक गंगाजल पहुंचाने के लिए 14 घंटे का लक्ष्य रखा है। सोनीपत के गोहाना निवासी रितिक, संदीप, नीटू और लीलू 22 सदस्यों की टोली के साथ दौड़ते हुए डाक कांवड़ लेकर निकले। वहीं शामली के रेलपार निवासी पंकज और मदन ने हरिद्वार से नौ घंटे में गंगाजल पहुंचाने का लक्ष्य तय किया।
शामली में गुरुद्वारा तिराहे पर कांवड़ियों को फल वितरित करती जिला यातायात प्रभारी। संवाद
शामली में गुरुद्वारा तिराहे पर कांवड़ियों को फल वितरित करती जिला यातायात प्रभारी। संवाद
शामली में गुरुद्वारा तिराहे पर कांवड़ियों को फल वितरित करती जिला यातायात प्रभारी। संवाद