मुख्यमंत्री शहीदों के परिजन का आज करेंगे सम्मान
अमर उजाला ब्यूरो
शामली। पुलवामा में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवान प्रदीप और अमित के परिजन मंगलवार को पुलिस सुरक्षा में लखनऊ रवाना हुए। पुलिस प्रशासन द्वारा उन्हें ले जाने और लखनऊ में रुकने की व्यवस्था कराई गई है। मुख्यमंत्री बुधवार को अपने आवास पर आयोजित कार्यक्रम में परिजनों को सम्मानित करेंगे। शहीद अमित के भाई सुनील को सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र भी दिया जाएगा।
सीएम कार्यालय से दोनों शहीदों के परिजनों को निमंत्रण आया था। उन्हें ले जाने की व्यवस्था पुलिस प्रशासन को दी गई थी। एसपी अजय कुमार के अनुसार उन्हें ले जाने के लिए कार की व्यवस्था की गई थी। सुबह सात बजे दोनों के परिजन रवाना हो गए। पुलिस सुरक्षा में उन्हें वहां भेजा गया है। शहीद प्रदीप के परिवार से शहीद के पिता जगदीश और पत्नी शर्मिष्ठा और एक अन्य परिजन साथ गए हैं। जबकि शहीद अमित के पिता सोहनपाल और उसका भाई सुनील वहां गया है। एसपी के अनुसार बुधवार दोपहर तीन बजे से साढ़े चार बजे तक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्यनाथ अपने आवास पर दोनों शहीदों के परिजनों को सम्मानित करेंगे। इसके अलावा शहीद अमित के भाई सुनील को सरकारी नौकरी देने का नियुक्ति पत्र भी देंगे। बकौल एसपी दोनों परिजनों को ले जाने और लाने की व्यवस्था पुलिस प्रशासन द्वारा की गई है। लखनऊ में ठहरने, खाने आदि की सभी बेहतर व्यवस्था सरकारी स्तर पर की गई है।
सुनील आज बन जाएगा कलक्ट्रेट का लिपिक
डीएम अखिलेश सिंह के अनुसार शहीद अमित के परिजनों ने सुनील का नाम नौकरी के लिए भेजा, लेकिन उसने पुलिस विभाग की बजाय किसी अन्य विभाग में नौकरी करने का अनुरोध किया था। परिजनों के अनुरोध के बाद सुनील को कलक्ट्रेट में लिपिक के पद पर नियुक्ति दी जाएगी। इसके लिए प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। बुुधवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री ही सुनील के परिजनों को सम्मानित करने के साथ सुनील को नियुक्ति पत्र सौपेंगे।
सिद्धार्थ को रिजल्ट आने तक करना होगा इंतजार
डीएम के अनुसार बनत निवासी शहीद प्रदीप के परिजनों ने शहीद के बड़े बेटे सिद्धार्थ का नाम प्रस्तावित किया है, लेकिन सिद्धार्थ अभी इंटर की परीक्षा दे रहा है, नियमानुुसार नौकरी के लिए इंटर पास होना जरूरी है। इसलिए सिद्धार्थ का इंटर का परिणाम आने के बाद ही उसे नौकरी मिलना संभव होगा। परिजनों ने नौकरी के लिए कई विकल्प दिए हैं, जिन पर बाद में शासन स्तर पर विचार होगा।