दीन के रास्ते पर चलने से मिलेगी कामयाबी
चौसाना। एक दिवसीय दीनी जलसे में उलमा ने कहा कि इस्लाम के आइने में लोगों को जिंदगी गुजारने व सही राह पर चलना चाहिए। अपनी औलाद को दीनी तालीम जरूर दिलाएं, क्योंकि दीन के रास्ते पर चलकर ही कामयाबी मिलेगी।
मदरसा जामिया इमदादुल उलूम चौसाना में बृहस्पतिवार को सालाना दीनी जलसे की सदारत मौलाना मरगूब साहब और मुफ्ती आमिर साहब ने की। जलसे में तकरीर करते हुए मुफ्ती अकमल साहब ने फरमाया कि सबसे बेहतर वो लोग हैं, जो अल्लाह के कलाम को सीखें और सिखाएं। उन्होंने बताया कि मदरसे इसके लिए मौजूद हैं और रहेंगे। उन्होंने कहा कि हमें अपने बच्चों को तालीम देकर आगे बढ़ाना होगा, वरना हम पिछड़ जाएंगे। हमें अपने मुस्तकबिल को पहचानना होगा, सुन्नतों पर अमलकरना होगा, कुरान के बताए रास्ते पर चलकर ही इंसान कामयाब हो सकता है। अगर दुनिया में खुदा की नाफरमानी की , झूठ बोला, कम तोला, नमाज छोड़ी तो कयामत में हिसाब देना मुश्किल हो जाएगा। कठिनाइयों की आग से तब तक गुजरना पड़ेगा, जब तक अल्लाह माफ न कर दें। मौलाना राशिद साहब मुबलिग दारुल उलूम देवबंद ने कहा कि इंसान को हमेशा पाक रहना चाहिए। अगर नापाकी की हालत में मौत आ गई तो कयामत के दिन उसी हालत में उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अपने दीन व मजहब को महफूज रखना होगा। उसके लिए हमें उलमा के साथ साथ, डॉक्टरों, इंजीनियरों ,टीचरों, सैनिकों, पायलटों और वैज्ञानिकों की भी जरूरत है। मगर, ध्यान रहे सबसे पहले दीन, कुरान और सुन्नतों पर भी अमल करना जरूरी है, तब जाकर हम तरक्की करेंगे और दूसरों की बराबरी करके ही हम दुनिया में अपने वजूद को महफूज रख सकेंगे। इस मौके पर मौलाना मुशर्रफ दौलतपुर, मौलाना शौकत कुंडा, मौलाना मुस्तकीम साहब हापुड़, अल्लामा कफील अशरफ लखनऊ, मौलाना मरगुबुर्रहमान चौसाना, काजी आफताब चौसाना, हाफिज फजलुर्रहमान, मौलाना खालिद, कारी नसीम, कारी नदीम कासमी, कारी अब्दुल, हाफिज आस मोहम्मद गुराना, नियामत प्रधान, आमिर हसन, हाजी इरशाद, नवाब राणा खोड़समा, अफजाल मंसूरी चौसाना और फरमान राणा आदि मौजूद रहे।