करीब 90 बीघा गेहूं जला
शामली/गढ़ीपुख्ता/जलालाबाद/चौसाना।
फसल पककर तैयार है। गेहूं तथा गन्ने की कटाई चल रही है। इस बीच जिले में पिछले दो दिनों से आग की घटनाएं बढ़ी है। मंगलवार और बुधवार को जिले में चार स्थानों पर आग लगने की वजह से किसानों की करीब 108 बीघा फसल जलकर राख हो गई।
घटना एक
कैराना क्षेत्र के गांव शेखूपुरा निवासी मोनू पुत्र यशपाल और ऋषिपाल पुत्र पल्टू के 18 बीघा गन्ने की फसल में अचानक आग लग गई। आग लगने की सूचना पर ग्रामीण खेतों की ओर दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने किसी तरह आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक सारी फसल जल चुकी थी। आग लगने का कारण खेत से ऊपर से गई जर्जर विद्युत लाइन का टूटना बताया गया है। किसान ने मुआवजे की मांग की है।
घटना दो
गढ़ीपुख्ता क्षेत्र के गांव पल्ठेड़ी में किसान नेत्रपाल व अनीस ने बताया कि उनके खेतों के बीचो-बीच हाइटेंशन विद्युत लाइन गई हुई थी। लाइन के तार जर्जर हो चुके हैं। कई बार बिजली विभाग को अवगत कराया गया, लेकिन तारों को न ही तो बदला गया और ना ही तारों की खिंचाई की गई। बुधवार सुबह नौ बजे लाइन में उठी चिंगारी के कारण दोनों किसानों की सात बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। किसानों के मन में बिजली विभाग के खिलाफ आक्रोश है।
----घटना तीन
जलालाबाद के गांव दखौडी जमालपुर में कबीर दास सत्संग भवन के पास महिपाल पुंडीर, हरपाल चौहान व नरेश कुमार की जमीन है। इसमें गेहूं की फसल खड़ी थी। बुधवार की सुबह दस बजे के करीब तैयार गेहूं की फसल में आग लग गई। आग लगने का कारण मालूम नहीं हो सका। इस कारण करीब दस बीघा गेहूं जलकर राख हो गया।
----घटना चार
चौसाना निवासी याकूब ने गाव श्यामली-श्यामला में 70 बीघा कृषि भूमि को बटाई पर लिया हुआ था, जिसमें गेहूं की फसल को उगा रखा था। करिसान पर बैंक का कर्ज भी है। इसको फसल के बाद चुकता करना था, लेकिन बुधवार को अचानक खेत मे खड़ी फसल में आग लग गई। इससे किसान की 70 बीघा गेहूं की फसल राख हो गई। आसपास के खेतों में काम कर रहे किसानों ने आग लगने की सूचना याकूब को दी। इसके बाद ट्रैक्टर हेरो के साथ कई किसान पीड़ित के खेत में पहुंचेे और आग पर काबू पाया गया। जब तक आग बुझाने में किसानों ने सफलता हासिल की, तब तक किसान की सारी फसल जल चुकी थी। किसानों का आरोप है कि सूचना के बाद भी दमकल की गाड़ी मौके पर नहीं पहुंची। पीड़ित किसान ने जिला प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग की है।