शामली। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के करीबी और अनुयायियों में पूर्व विधायक राव अब्दुल राफे खां का परिवार भी रहा है। वह थानाभवन विधानसभा क्षेत्र से 1969 में विधायक चुने गए थे। राव अब्दुल राफे खां की पत्नी मुशर्रत बेगम ने बताया कि चौधरी साहब उनके पति को भगतजी बुलाते थे। वह कहते थे कि राजनीति में लोग महत्वकांक्षी होते हैं, लेकिन तुमने कुछ नहीं मांगा। उस दौरान सईद मुर्तजा को गृह राज्य मंत्री बनाया गया था, लेकिन उनके पति राव अब्दुल राफे खां ने अपने लिए कुछ नहीं मांगा था। इस पर चौधरी साहब ने कहा था कि तुम अपने लिए कुछ नहीं मांगते, तुम तो भगतजी हो, इसलिए अब हम तुम्हें भगतजी कहा करेंगे।
गौरतलब है कि राव अब्दुल राफे खां का इंतकाल होने के बाद यह परिवार लंबे समय तक चौधरी चरण सिंह के परिवार से जुड़ा रहा। इसी के चलते उनकी पत्नी मुर्शरत बेगम भी एक बार रालोद के टिकट पर थानाभवन से चुनाव लड़ीं। फिर उनके पुत्र राव अब्दुल वारिस 2007 में थानाभवन सीट से ही रालोद के टिकट पर विधायक चुने गए।