शामली। एरटी गांव के जंगल में भैसवाल- बधेव बीनडा रजवाहे में टूट जाने से करीब 60 बीघा जल मग्न हो गई। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने रजवाहे का पानी बंद कराकर क्षतिग्रस्त पटरी की मरम्मत की।
पूर्वी यमुना नहर से भैसवाल गांव से बधेव, मुंडेट, करमूखेड़ी, लिलौन, ऐरटी होकर बीनड़ा गांव तक रजवाहा जाता है। रजवाहे की सफाई न होने से उसमें झाड़ियां पैदा हो गई है। बृहस्पतिवार की रात में रजवाहे में पानी छोड़ दिया गया। ओवरफ्लो होने के साथ ही ऐरटी गांव के क्षेत्र में रजवाहा टूट जाने से ऐरटी और लिलौन गांव के किसानों की करीब 60 बीघा गन्ना, सरसों की फसल जलमग्न हो गई। लिलौन गांव के किसान सोमपाल सिंह ने बताया कि रजवाहे में पानी रात में छोड़ दिया गया, सुबह चार बजे के लगभग खेत में गए तो रजवाहा टूटने और गेहूं, गन्ना सरसों, फसल जलमग्न होने की जानकारी मिली। शुक्रवार को पूर्वी यमुना नहर खंड खेड़ीकरमू पुल जिलेदार कार्यालय पहुंचकर रजवाहे टूटने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ऐरटी गांव के नकली सिंह, श्याम सिंह, लिलौन गांव के जसवीर, रामवीर, नरेंद्र सिंह, सोमपाल सिंह समेत गांव के किसानों को फसल जलमग्न हो गई है। किसानों का आरोप है कि रजवाहे का पानी नहर खंड के अधिकारियों को सूचना देकर बंद नहीं कराया गया। किसानों ने जलमग्न फसल का मुआवजा दिए जाने की मांग की है। पूर्वी यमुना नहर खंड के जिलेदार अंबुज कुमार ने बताया कि भैंसवाल-बधेव, बीनडा रजवाहे में कूड़ा- कबाड़ फंस जाने से पानी ओवरफ्लो हो गया था। जिससे रजवाहे का पानी खेतों में घुस गया। रजवाहे का पानी बंद करा दिया गया हैं। सुबह लेबर भेजकर क्षति ग्रस्त रजवाहे की पटरी की मरम्मत करा दी गई है।