जिले की चीनी मिलों का पेराई सत्र दीपावली के बाद शुरू हो जाएगा। पेराई सत्र के चालू करने के लिए चीनी मिलों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। चीनी मिलों में मरम्मत का काम चल रहा है।
जिले की चीनी मिलों पर किसानों का पिछले साल का 63 करोड़ 24 लाख रुपये बकाया है। जिसमें शामली चीनी मिल पर 48 करोड़ रुपये, ऊन चीनी मिल पर 24 करोड़ रुपये व थानाभवन चीनी मिल पर एक करोड़ 24 लाख रुपये बकाया शामिल है। चीनी मिलों के पेराई सत्र की तैयारियां शुरू हो गई है। इनके मद्देनजर मशीनरी मरम्मत कार्य अंतिम चरण में है। अधिकारियों के मुताबिक दीपावली के बाद 22 अक्तूबर को शामली चीनी मिल, 25 अक्तूबर को ऊन चीनी मिल व 27 अक्तूबर को थानाभवन चीनी मिल अपना गन्ना पेराई सत्र चालू कर देगा। अक्तूबर के प्रथम सप्ताह से जिले की चीनी मिलों का बायलर पूजन शुरू हो जाएगा।
थानाभवन चीनी मिल के यूनिट हैड वीरपाल सिंह ने बताया कि 27 अक्तूूबर को चीनी मिल का पेराई सत्र शुभारंभ होगा। छह अक्तूबर को मिल में बायलर पूजन किया जाएगा। ऊन- शामली चीनी मिल के अधिकारियों ने पेराई सत्र की शामली चीनी मिल ने 22 अक्तूबर व ऊन चीनी मिल ने 25 अक्तूबर की तिथि घोषित कर दी है। जिला गन्ना अधिकारी डॉ. अनिल भारती ने बताया कि लखनऊ में गन्ना आयुक्त के यहां चीनी मिलों की गन्ना खरीद केंद्रों के आवंटन के लिए गन्ना सुरक्षण बैठक गत 12 सितंबर को हो चुकी है। 30 सितंबर तक गन्ना सहकारी समितियों के सदस्य व बांड बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है। अक्तूबर के प्रथम सप्ताह में गन्ना आयुक्त कार्यालय लखनऊ से जिले की चीनी मिलों के गन्ना खरीद केंद्रों का आवंटन का कार्य पूरा हो जाएगा।
गन्ना उपज में तीसरे साल भी प्रदेश में शामली प्रथम
शामली। इस बार जिले की सहकारी गन्ना समितियों में 30 सितंबर तक किसानों के नए बांड और सदस्य बनाने का काम तेजी से चल रहा है। नए पेराई सत्र में गन्ने की उपज में बढ़ोत्तरी के साथ समितियों में बांड व गन्ना किसानों के सदस्य बढ़ने की उम्मीद हैं।
इस साल गन्ने की उपज में 33 क्विंटल प्रति हेक्टेयर में बढ़ोत्तरी हुई है। गन्ना विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में गत वर्ष 2016-17 में 807.76 हेक्टेयर गन्ने का रकबा था। इस साल 2017-18 में 843.40 हेक्टेयर गन्ने का कुल रकबा दर्ज किया गया है। गन्ना विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस पेराई सत्र में 33 क्विंटल प्रति हेक्टेयर गन्ने की उपज में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। पिछले तीन सालों में शामली जिला गन्ने की उपज में प्रथम स्थान पर हैं। पिछले सालों की अपेक्षा जैसे गन्ने की उपज में बढ़ोत्तरी हुई हैं, वैसे ही गन्ने के नए बांड व समिति सदस्यों की बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है। जिले की शामली-थानाभवन, ऊन चीनी मिलों की गन्ना सहकारी समितियों में एक लाख से ज्यादा गन्ना किसानों का सदस्य बनाया गया था। इस साल 25 हजार से ज्यादा गन्ना समिति के सदस्य बनाए जाने की उम्मीद है।
शामली सहकारी गन्ना समिति के सचिव मुकेश राठी के अनुसार शामली गन्ना सहकारी समिति में गत वर्ष 66 हजार 584 किसान व थानाभवन गन्ना सहकारी समिति में 20 हजार 947 किसान और 15 हजार किसान ऊन गन्ना सहकारी समिति के गन्ना सदस्य है। इस साल शामली सहकारी समिति में गन्ना किसानों सदस्य बढ़कर 72 हजार की संख्या पहुंच गई है। इसी प्रकार थानाभवन ऊन चीनी मिलों की सहकारी समितियों में सदस्य बढ़ने की जानकारी मिली है।
जिले की चीनी मिलों पर किसानों की बकाया धनराशि
चीनी मिल धनराशि बकाया करोड़ों रुपये में
1. शामली चीनी मिल 48 करोड़ रुपये
2. ऊन चीनी मिल 24 करोड़ रुपये
3. थानाभवन चीनी मिल 1 करोड़ 24 लाख रुपये
कुल बकाया धनराशि 63 करोड़ 24 लाख रुपये