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पुलिस की निगरानी

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शामली। जिले में पुलिस की गतिविधियों पर खुफिया निगरानी शुरू कर दी गई है। रात में पुलिसकर्मियों द्वारा की जाने वाली अवैध वसूली और अन्य गलत कार्यों की शिकायतें मिलने पर पुलिस अधीक्षक ने रात में गोपनीय तरीके से निगरानी के लिए विशेष टीमों का गठन किया है। इन टीमों में पुलिस के राजपत्रित अधिकारी के साथ खुफिया विभाग के कर्मचारी भी रहेंगी। ये टीम रात में घूमकर पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखेगी।
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अपराधियों और गुंडे माफियाओं पर निगरानी करने वाली पुलिस की कार्यशैली को गोपनीय तरीके से परखी जा रही है। एसपी अजय कुमार को पुलिसकर्मियों द्वारा अवैध वसूली करने, शराब पीकर उत्पात मचाने, थाने में रात को फरियादियों की शिकायतों पर कार्रवाई न करने और गलत व्यवहार करने समेत विभिन्न शिकायतें मिल रही थीं। पुलिस की हरकतों पर नजर रखने के लिए एसपी ने रात में विशेष टीम का गठन किया है। इस टीम में पुलिस के एक राजपत्रित अधिकारी अपर पुलिस अधीक्षक या सीओ के साथ खुफिया विभाग के तीन कर्मचारी शामिल रहेंगे। ये टीम प्राइवेट गाड़ी में रात को सड़कों पर निकलेगी।
टीम सड़कों, हाईवे पर पड़ने वाली पुलिस चौकी, चेकपोस्ट पर गोपनीय तरीके से पुलिसकर्मियों की गतिविधियों को देखेगी। इसके साथ ही टीम किसी भी थाना और कोतवाली में पहुंचकर वहां रात में पुलिसकर्मियों की गतिविधियों को परखेगी। रात में अगर कोई थाने पर पीड़ित मिलता है तो उनसे बातचीत कर पुलिसकर्मियों का उनके प्रति व्यवहार भी जानेगी। टीम अगले दिन एसपी को पुलिसकर्मियों की गतिविधियों की रिपोर्ट देगी। पांच दिन पहले सीओ कैराना के चालक, तीन हमराह पुलिसकर्मियों और डायल 100 के सिपाही को शराब पीकर अभद्रता करने पर एसपी द्वारा निलंबन की कार्रवाई इसी अभियान के तहत होना बताया जा रहा है।
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टीम को एसपी देते हैं टास्क
शामली। विशेष टीम पर भी एसपी का कंट्रोल रहेगा। इस टीम को एसपी रात मेें खुद टास्क देते हैं। एसपी ही तय करते हैं कि टीम को कहां भेजना है। इससे पहले किसी को पता नहीं होता कि रात में टीम रात को किस मार्ग पर पर निकलेगी। इसका मकसद इस अभियान को पूरी तरह गोपनीय रखकर पुलिस की कार्यशैली की हकीकत परखना है। यह अभियान एक सप्ताह से चल रहा है।

जिले को दो जोन में बांटा
शामली। पुलिस की कारगुजारियों को परखने के लिए एसपी ने जिले को दो जोन में बांटकर अलग-अलग टीम बनाई है। एक जोन में कांधला, कैराना और झिंझाना थाने शामिल है, जबकि दूसरे जोन में शामली, आदर्श मंडी, गढ़ीपुख्ता, बाबरी और थानाभवन थाने शामिल किए गए हैं।
कोट
रात में पुलिस की कार्यशैली और उनके गलत कामों की जांच के लिए एक राजपत्रित अधिकारी और खुफिया विभाग के कर्मचारियों की विशेष टीम बनाई गई है। जिले को दो जोन में बांटा गया है। विशेष टीमों को रात में गोपनीय तरीके से पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। - अजय कुुमार, एसपी।
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