अमर उजाला ब्यूरो
कैराना। एबीएसए के निरीक्षण में परिषदीय स्कूलों में मिड-डे मील व्यवस्था की पोल खुल गई। जहानपुरा के स्कूलों में कई दिन से मिड-डे मील नहीं बना रहा था। राशन भी खत्म था। प्रधानाध्यापकों को सुुुधार के लिए सख्त चेतावनी दी गई है।
शुक्रवार को एबीएसए राजलक्ष्मी पांडेय ने जहानपुरा गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय नं-1 व 2 और जूनियर स्कूल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालयों के रजिस्टरों की जांच करने के साथ ही शिक्षा की गुणवत्ता परखी। तीनों ही विद्यालयों में मिड-डे मिल बनता हुआ नहीं मिला और न ही खाद्य सामग्री थी। इस पर एबीएसए का पारा चढ़ गया। उन्होंने विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को तलब किया, जिस पर बताया गया कि विद्यालयों में कई दिनों से खाद्य सामग्री खत्म हो रही है। इसकेबारे में कई बार प्रधान को कहा जा चुका है, लेकिन कोई तवज्जो नहीं दी जा रही है। स्कूल में चूल्हे बने थे। पूछने पर बताया गया कि इन चूल्हों पर ही बच्चों को खाना बनाकर दिया जाता है। एबीएसए ने कहा कि खाना चूल्हे पर नहीं रसोई गैस पर बनाएं। यदि भविष्य में ऐसा मिला तो विभागीय कार्रवाई होगी।
इसके अलावा प्राथमिक विद्यालय नंबर-2 में निरंतर दूध वितरण नहीं हो रहा है, जिस पर एबीएसए ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए भी एक सप्ताह के निर्देश दिए। एबीएसए ने बताया कि तीनों विद्यालयों में कई दिनों से बच्चों को मिड-डे मिल नहीं मिला और न वहां राशन मिला। उधर, मामले में ग्राम प्रधानके पुत्र इंतजार अली ने बताया कि दस दिन से मिड डे मील का राशन खत्म हो गया था। वो अपने जेब खर्च से ही स्कूलों में राशन डलवा रहे है। आज स्कूलों में खाना कम बना था। गांव के कोटे की दुकान पर अभी राशन नहीं आया है।