भले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डिजिटल इंडिया में कैशलेस व्यवस्था का कितना ही बढ़चढ़ कर प्रचार-प्रसार करने में जुटे हो, लेकिन धरातल पर कुछ लोग इस व्यवस्था के जरिए अवैध वसूली करने में जुटे हैं। कई व्यापारी ऑनलाइन खरीदारी पर ग्राहकों से खुलेआम दो से तीन फीसदी तक की अवैध वसूली कर रहे हैं, जबकि नियमानुसार ऑनलाइन खरीददारी पर ग्राहक को कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं देना होता है।
क्षेत्र के गांव हसनपुर लुहारी निवासी अनुज सैनी ने कस्बे के मोती बाजार स्थित एक रेडीमेड व्यापारी से आठ सौ रुपये की खरीदारी की। कैश ना होने के कारण ग्राहक ने दुकानदार को एटीएम कार्ड से भुगतान किया, लेकिन दुकानदार ने ग्राहक से दो फीसदी अतिरिक्त पैसे लिए। जब उसने इसका विरोध किया तो दुकानदार ने यह दो फीसदी रकम वापस करने से साफ इंकार कर दिया। यह सिर्फ उदाहरण है जबकि कस्बे की ऐसी दो दर्जन से अधिक दुकानें हैं, जहां ऑनलाइन भुगतान करने पर दो से तीन फीसदी तक का अतिरिक्त चार्ज वसूला जा रहा है। कैशलेस की ओर बढ़ रहे ग्राहक ऑनलाइन भुगतान में हो रही अवैध वसूली के चलते लोग परेशान है। कस्बा निवासी ईशु अरोड़ा ने बताया कि उन्हें एक हजार की ऑनलाइन खरीदारी पर बीस रुपये ज्यादा भुगतान करना पड़ा। साफ है कि अवैध वसूली सरकार के डिजिटल इंडिया के सपने पर दाग लगा रही है।
कार्ड से स्वाइप कराने या अन्य किसी भी प्रकार का ऑनलाइन भुगतान करने पर ग्राहक को कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं देना होता है। यदि कोई दुकानदार ऐसा कर रहा है तो वह गलत है, इसकी शिकायत करनी चाहिए।
- एचआर गौतम, प्रबंधक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स।