आर्य समाज के 143वें स्थापना दिवस पर तीन दिवसीय कार्यक्रम के दूसरे दिन यज्ञ भजन एवं प्रवचन का आयोजन किया गया। धीमानपुरा स्थित आर्य समाज मंदिर में दूसरे दिन कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. रविंद्र तोमर तथा सूर्यवीर सिंह ने किया। इस अवसर पर यज्ञ भजन एवं प्रवचन का आयोजन किया गया। आर्य समाज शामली के संरक्षक रघुवीर सिंह आर्य, प्रधान पूरण चंद आर्य और आर्य उपदेशक स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती, स्वामी सत्यवेश, आचार्य शैलेष मुनि, आर्य विद्या सभा के प्रधान राजपाल सिंह आर्य ने हवन पूजन में भाग लिया। स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती महाराज तथा पुरोहित डॉ. रविदत्त शर्मा ने हवन यज्ञ संपन्न कराया। सभा भवन में आयोजित प्रवचन कार्यक्रम में बाहर से आए आर्य समाज के प्रचारकों ने धर्म के मार्ग पर प्रकाश डाला। स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि वैदिक परंपरा के मुताबिक मानव जीवन के लिए यज्ञ बेहद महत्वपूर्ण हैं। प्रकृति ने हमें बहुत कुछ दिया है, जिसके चलते मानव का फर्ज बनता है कि प्रकृति को बचाए रखने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
यज्ञ करने से घर का माहौल अच्छा रहता है तथा मानसिक विकार दूर होते हैं। साथ ही कहा कि परोपकार का भाव इंसान को मन में रखना चाहिए। मानव को पशु, पेड़ पौधों से भी प्रेम करना चाहिए और उनका संरक्षण करना चाहिए। मौके पर संरक्षक रघुवीर सिंह आर्य, प्रधान पूरण चंद आर्य, मंत्री रामेश्वर दत्त आर्य, राजपाल सिंह आर्य, पूर्व मंत्री दिनेश आर्य, नरेंद्र अग्रवाल, सूर्यप्रताप आर्य, विवेक प्रेमी, बीरबल आर्य, कमला आर्य, अर्चना आर्य, पूनम आर्य, मृणाली आर्य, श्वेता आर्य, श्रुति आर्य आदि उपस्थित रहे।