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आरक्षण प्रतिक्रिया

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भाजपाइयों ने स्वागत किया, विपक्षियों ने बताया चुनावी स्टंट
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अमर उजाला ब्यूरो
शामली। केंद्र सरकार द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने को कैबिनेट की मंजूरी का भाजपा नेताओं ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे अर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लोगों को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी, जबकि विपक्षियों ने इसे चुनावी स्टंट बताया है।
तरक्की के द्वार खुलेंगे : तेजेंद्र निर्वाल
भाजपा विधायक तेजेंद्र निर्वाल ने कहा कि आरक्षण की जरूरत सामान्य जाति के लोगों को भी है। सामान्य वर्ग के लोग भी आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं। उन्हें भी सरकारी मदद की जरूरत है। सरकार उन्हें आरक्षण देकर आगे बढ़ाने का काम कर रही है। इससे उनकी तरक्की के द्वार खुलेंगे।
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सभी जातियों का पुनरीक्षण करे सरकार -सुधीर पंवार
सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधीर पंवार का कहना है कि चुनावी लाभ के लिए ये किया जा रहा है। पांच साल से कुछ नहीं किया। यदि आरक्षण देना है तो पहले सभी जातियों का पुनरीक्षण करें और उसकी बहुलता के आधार पर आरक्षण का निर्धारण किया जाएगा।
साढ़े चार साल बाद याद आई -योगेंद्र
रालोद जिलाध्यक्ष योगेंद्र चेयरमैन कहते हैं पांच साल पूरे होने को है। अब सरकार को याद आई है। अब उसे सामान्य जाति के गरीब दिखे हैं। साढ़े चार साल तक सरकार कहां थी। सरकार भी जान गई है कि जनता अब उन्हें दोबारा मौका नहीं देगी। ये सरकारी लॉलीपॉप है।
ये भाजपा का चुनावी स्टंट
कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक पंकज मलिक का कहना है कि ये सब चुनावी स्टंट है। साढ़े चार साल में सरकार ये नहीं कर सकी। अब चुनाव नजदीक देख ऐसा किया जा रहा है। लोग सरकार की नीयत जान चुके हैं।
एक दिन की बात नहीं =राव वारिस
पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता राव वारिस ने इसे सरकार का लॉलीपाप बताया। कहा कि ये इतना आसान नहीं है। इसके लिए संविधान में संशोधन करना पड़ेगा। प्रस्ताव पास कराना पड़ेगा। ये एक दो दिन की प्रक्रिया नहीं है लंबी प्रक्रिया है। सरकार चुनावी फायदे के लिए ये कर रही है।
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चुनाव आते ही याद आई -सुनील जाटव
पूर्व मुख्यमंत्री बहन मायावती ने पहले से ही आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आरक्षण की पक्षधर रही हैं। भाजपा ने पूरे पांच साल में ये नहीं किया। अब सरकार को इसकी याद आई है। ये सब चुनावी स्टंट है। चुनाव में लाभ के लिए ये सब किया है।
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