शामली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आंगनबाड़ी कर्मचारियों से सीधा संवाद कर उनकी मन की बात को सुना। इस दौरान महिला आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 1500 रुपये, सहायिकाओं के मानदेय में 750 रुपये की वृद्धि की घोषणा की। हालांकि महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने मानदेय वृद्धि को नाकाफी बताया। साथ ही अन्य प्रदेशों के समान मानदेय देने की मांग की।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को चार हजार रुपये, सहायिकाओं को दो हजार रुपये का मानदेय केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से दिया जा रहा है। महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी मानदेय बढ़ाए जाने की मांग को लेकर जिला मुख्यालय, तहसील और ब्लॉक मुख्यालय पर धरना, प्रदर्शन करती रही। दस माह पूर्व महिला आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मानदेय बढ़ाने को लेकर दो माह तक धरना प्रदर्शन किया था। मंगलवार को सुबह नौ बजे से ग्यारह बजे तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आंगनबाड़ी कर्मचारियों से सीधा मन की बात सुनी। लाइव बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आंगनबाड़ी कर्मचारियों के मानदेय में 1500 रुपये और सहायिकाओं के मानदेय मे 750 रुपये की वृद्धि की घोषणा की है। महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने प्रधानमंत्री द्वारा मानदेय में वृद्धि को कम बताया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में राज्य सरकार ने महिला आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 800 रुपये की बढ़ोत्तरी की थी। केंद्र सरकार की ओर से मानदेय में बढ़ोत्तरी नहीं की गई थी। केंद्र सरकार की ओर से महिला आंगनबाड़ी कर्मचारियों की मानदेय में 1500 रुपये व सहायिकाओं के मानदेय में 750 रुपये की वृद्धि की है। उन्होंने बताया कि मौजदा महिला आंगनबाड़ी कर्मचारियों के 4000 रुपये के मानदेय में एक हजार रुपये राज्य सरकार और तीन हजार रुपये केंद्र सरकार का हिस्सा है। महिला आंगनबाड़ी को 5500 रुपये, सहायिकाओं को 2750 रुपये मिलेगा। महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष सरिता जयंत, जिला महामंत्री सरिता देवी, जिला संरक्षक संजीव शर्मा ने प्रधानमंत्री द्वारा महिला आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय बढ़ोत्तरी को कम बताया। साथ ही हरियाणा, दिल्ली, मध्यप्रदेश और उत्तराखंड के बराबर मानदेय किए जाने की मांग की हैं।