शामली। जिला राजकीय पुस्तकालय के लिए 10 माह से किताबें और फर्नीचर आरके इंटर कॉलेज के एक कमरे में बंद था। करीब ढाई साल से पुस्तकालय का स्थान तय नहीं हो पा रहा था। जानकारी होने पर जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने नायब तहसीलदार को मौके पर भेजकर आरके इंटर कॉलेज की व्यायामशाला में पुस्तकालय शुरू कराया।
जनपद में वर्ष 2015 में राजकीय जिला पुस्तकालय की स्थापना को मंजूरी मिल गई थी। इसके लिए शहर में आरके इंटर कॉलेज में अस्थायी रूप से पुस्तकालय शुरू कराने पर विचार हुआ था। कॉलेज के प्रबंधक पूर्व विधायक बाबू सिंह ने कॉलेज के बाहर बनी कृषि लैब के दो कमरों में पुस्तकालय शुरू कराने की अनुमति दे दी थी। मगर, पुस्तकालय अध्यक्ष सरोज गुप्ता ने कमरे कॉलेज से बाहर होने के कारण उसमें पुस्तकालय चलाने से मना कर दिया था। उन्होंने कॉलेज के अंदर बने हॉस्टल में कमरे आवंटित कराने की मांग की थी।
उधर, 2016 में तत्कालीन डीएम के निर्देश पर आरके इंटर कॉलेज के हॉस्टल के कमरों में भूतपूर्व सैनिक बोर्ड के अस्थायी कार्यालय की अनुमति दे दी गई, जिस कारण पुस्तकालय का स्थान फिर से खटाई में पड़ गया था।
जनवरी माह में पुस्तकालय के लिए पांच रैंक किताबों की, तीन मेज और करीब 40 कुर्सी आरके कॉलेज में पहुंच गई। इसके बाद से यह सामग्री एक कमरे में बंद थी। पिछले दिनों कुछ लोगों ने जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह से इसकी शिकायत की। उन्होंने पुस्तकालय अध्यक्ष से मामले की जानकारी ली, जिसके बाद नायब तहसीलदार सुरेंद्र सिंह को मौके पर भेजकर पुस्तकालय का स्थान निर्धारित कराने का निर्देश दिया। बृहस्पतिवार की दोपहर नायब तहसीलदार सुरेंद्र सिंह और पुस्तकालय अध्यक्ष सरोज गुप्ता आरके इंटर कॉलेज पहुंची। उन्होंने व्यायामशाला में पुस्तकालय की किताबें, मेज, कुर्सी और अलमारी लगवाकर पुस्तकालय शुरू करा दिया।
पुस्तकालय अध्यक्ष सरोज गुप्ता ने बताया कि उनकी तैनाती मुजफ्फरनगर में है। शामली जिले का अतिरिक्त प्रभार मिला हुआ है। पुस्तकालय रोजाना खोलने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक या कॉलेज की ओर से दो लोगों की तैनाती की मांग की गई है। स्टाफ मिलते ही रोजाना पुस्तकालय खुलना शुरू हो जाएगा।