खतरनाक खेल युवाओं की जान पर भारी पड़ रहा है। छात्र निशांत की मौत के बाद अभिभावकों का दायित्व बनता है कि वह बच्चों पर पूरी तरह से नजर रखें। साथ ही अभिभावकों की जिम्मेदारी बनती है कि बच्चों को ऐसे खतरनाक गेम्स के बारे में आगाह करें। खासकर अभिभावक और शिक्षक बच्चों को काउंसलिंग करें तथा बच्चों के साथ दोस्ताना व्यवहार बनाएं।
बृहस्पतिवार को कस्बा एलम निवासी छात्र निशांत उर्फ मिंटू का शव रेलवे ट्रैक पर मिला था। पहले तो लोगों ने इसे महज हादसा मान लिया था। हालांकि छात्र का अंतिम संस्कार होने के बाद उसके साथ पढ़ने वाले एलम निवासी छात्र अनंत उर्फ सोनू ने मीडिया को बताया कि निशांत ब्लू व्हेल गेम खेलता था। अनंत ने पूर्व में निशांत और उसके साथी छात्र से स्कूल में दो मोबाइल पकड़े जाने तथा अन्य भी कई बातें बताई थीं। हालांकि पुलिस का दावा है कि छात्र निशांत द्वारा ब्लू व्हेल गेम खेलने के बारे में परिजनों ने उन्हें कोई जानकारी नहीं दी। सवाल यह है कि निशांत की तरह ही अन्य भी छात्रों में मोबाइल फोन पर गेम खेलने की प्रवृत्ति लगातार बढ़ रही है। छोटी उम्र में बच्चे मोबाइल से चिपके रहते हैं और अपना अधिकांश समय गेम खेलने में बिताते हैं। इन परिस्थितियों में अभिभावकों की जिम्मेदारी बनती है कि वह अपने बच्चों पर पूरी निगाह रखें कि बच्चा क्या कर रहा है। मोबाइल फोन पर गेम्स खेलने के अलावा भी उसके फ्रेंड सर्किल में कौन कौन हैं तथा उनकी सोच कैसी है। ब्लू व्हेल गेम काफी दिन से चर्चाओं में है। देश में कई लोग इस गेम के चक्कर में अपनी जान गवा चुके हैं।
प्रतिक्रिया
-- प्रधानाचार्य मधु शर्मा का कहना है कि अगर बच्चे में कुछ दिन से बदलाव नजर आए, तो शिक्षक और अभिभावकों को उसकी हरकतों पर नजर रखनी चाहिए। बच्चों के साथ दोस्ताना व्यवहार अपनाते हुए उनकी हर बात साझा करनी चाहिए। बच्चों को अधिक से अधिक समय दें।
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शिक्षक अंकित मित्तल का कहना है कि जिस तरह तकनीक बढ़ रही है, उसके फायदे के साथ ही कई तरह के नुकसान हैं। ब्लू व्हेल खतरनाक गेम है, जिसमें जान गंवाने जैसा टास्क भी होता है। अभिभावकों को अपने बच्चों को एंड्रायड और इंटरनेट सुविधा वाला फोन नहीं देना चाहिए। बल्कि घर में लैपटॉप अथवा कंप्यूटर के जरिये ही इंटरनेट का इस्तेमाल करने देना चाहिए।
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मानसी गर्ग का कहना है कि अभिभावकों को बच्चों के बारे में ध्यान रखना चाहिए। यदि बच्चा फोन इस्तेमाल करता है, तो फिर उसे देखना जरूर चाहिए कि उनका बच्चा मोबाइल में कौन सा गेम खेलता है अथवा मोबाइल फोन का क्या इस्तेमाल वह कर रहा है।
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शिक्षक विक्रांत का कहना है कि आजकल बच्चे पढ़ाई की तरफ कम और वीडियो गेम की तरफ ज्यादा ध्यान देते हैं, जिससे बच्चों का भविष्य भी खराब होता है। अभिभावकों को इस पर ध्यान देना चाहिए।
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शिक्षक अशित का कहना है कि ब्लू व्हेल जैसे खतरनाक गेम्स डाउनलोड करने वाली वेबसाइट पर प्रतिबंध लगना चाहिए। इसके लिए केंद्र सरकार को भी प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
--------- ध्यान रखने योग्य बातें
- अचानक बच्चों का किसी कार्य में मन न लगें, तो उसकी काउंसलिंग करें।
- खाने के प्रति बच्चों की रुचि घटने या शरीर पर चोट के निशान का ध्यान रखें
- बच्चों में देर रात तक जागने की प्रवृति बंद कराई जानी चाहिए
- डरावने सीरियल देखना और खतरनाक गेम्स खेलने से बचाना चाहिए
- ऐसी किसी गतिविधि मिलने पर बच्चों को समझाकर अच्छे बुरे का ज्ञान कराएं।
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