हाईकोर्ट के आदेश है कि अतिक्रमण करने वालों पर कार्रवाई की जाएं। मगर, नगर में पुलिस प्रशासन अपनी ही धुन में मग्न है। चाहे विजय चौक जाम हो या फिर अजंता चौक पर वाहनों की लाइन लगे या फिर धीमानपुरा फाटक पर लोग परेशान रहे, अतिक्रमण और जाम के कारणों पर पुलिस अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं है।
दरअसल, शामली शहर में जाम लगना रोजाना का शगल बन चुका है। इस जाम के कारण मेरठ-करनाल हाइवे, पानीपत-खटीमा मार्ग और धीमानपुरा फाटक, गुरुद्वारा तिराहे पर जाम लगता है। इस कारण लोगों को परेशानी होती है। जाम लगने के शहर में कई कारण है, जिनके बारे में पूर्व में गणमान्य लोग प्रशासन को बता चुके है। इसमें अतिक्रमण प्रमुख कारण है। अवैध टैक्सी स्टेंड बनाकर किया गया अतिक्रमण हो या फिर अजंता चौक क्षेत्र में दिल्ली रोड पर खड़ी की गई रोडवेज बसे जाम के मुख्य कारण है। रोजाना लोग जाम में फंसते है, लेकिन आला अधिकारियों को जाम की समस्या दिखाई नहीं देती। गणमान्य लोग कई बार इस समस्या को अधिकारियों के सामने भी रख चुके है, लेकिन आज तक जाम का कोई समाधान नहीं हो पाया।
नो वेंडिंग जोन भी नहीं छोड़ा
नगर पालिका की ओर से शहर में कई जगह नो वेंडिंग जोन बनाए गए है। भीड़भाड़ वाले इलाके में बनाए गए नो वेंडिंग जोन का उद्देश्य है कि इस स्थान पर अतिक्रमण न हो, ताकि यहां पर जाम ना लगे। मगर, शहर में अतिक्रमण करने वालों ने नो वेंडिंग जोन को भी नहीं बख्शा है। वहां भी अवैध रूप से किसी ने ठेलियां लगायी हुई तो किसी ने वाहन खड़े कर रखे है।
वसूली तक सीमित रह गयी ट्रैफिक पुलिस
ट्रैफिक पुलिस व्यवस्था को बहाल करने की बजाय महज वसूली तक सीमित रह गयी है। बुढ़ाना रोड, शहर के विजय चौक पर कुछ ट्रैफिक पुलिस के प्राइवेट लोग हरियाणा की ओर से आने वाले बड़े वाहनों से वसूली में लगे रहते है। इस कारण यहां जाम लग जाता है।
शहर को जाम मुक्त करने के लिए नगर पालिका और पुलिस के साथ मिलकर एक अभियान चलाया जाएगा। इसके संबंध में ईओ से बात करके प्लान तैयार करने के निर्देश दिये है। जल्द ही इसमें कार्रवाई की शुरू कर दी जाएगी। - सुरजीत सिंह, एसडीएम शामली।