कैराना (शामली)। चेन्नई की सामाजिक संस्था ने बुधवार को गरीब परिवारों के सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया। जिसमें 62 जोड़ों का निकाह कराया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुजफ्फरनगर कुटेसरा से आए कारी मूसा की तिलावत और कारी अहसान मोहसिन ने किया। मुख्य अतिथि चेन्नई से आए हजरत मौलाना मंसूर असलम नदवी रहे।
उन्होंने कहा कि इस्लाम में फिजूलखर्ची से मना किया गया है। बेवजह खर्च करने वाले और शादियों में ठाट लगाने वाले लोगों की कल कयामत के दिन अल्लाह ताला के यहां सख्त पकड़ होगी। जो व्यक्ति मुसलमान होते हुए शादी में दहेज मांगते हैं, तो उनका हश्र बेहद बुरा होगा।
कोलकाता से आए मौलाना शफीक ने कहा कि बहू-बेटियां सभी की समान होती हैं, जिनका सम्मान करना हमारा दायित्व बनता है। जमीयत उलेमा-ए-हिंद सहारनपुर से मौलाना बशीर अहमद ने कहा कि हमारे युवाओं ने इस्लामिक तरीकों को छोड़ दिया है। यही कारण है कि कौम आज बर्बादी से गुजर रही है। मदरसा इस्लाहुल मुस्लिमीन के 23 छात्रों को दस्तारबंदी की गई, इनमें तीन हाफिज भी शामिल हैं। इसके बाद सामूहिक रूप से 62 जोड़ों का निकाह मौलाना मंसूर असलम नदवी चेन्नई द्वारा पढ़ाया गया।
अध्यक्षता मौलाना मोहम्मद उमर व संचालन मौलाना आलिम ने किया। मौके पर जलालाबाद चेयरमैन अब्दुल गफ्फार उर्फ पप्पू, पूर्व चेयरमैन अशरफ अली खां, झिंझाना चेयरमैन नौशाद, युवा नेता अनम हसन, पूर्व चेयरमैन अब्दुल अजीज अंसारी, शगुन मित्तल, जाबिर मुखिया, दानिश चौधरी, जगदीश चौहान, विपुल जैन, रिजवान, अभिषेक गोयल, चौधरी आलिम बराला, जाहिद, शराफत, मास्टर पल्टूराम आदि मौजूद रहे।
नए जोड़ों में एक हिंदू जोड़ा भी शामिल
सामूहिक विवाह समारोह में एक हिंदु परिवार के जोड़े का भी विवाह संपन्न कराया गया। उसके विधि विधान से सात कराए और उसके बाद मंच पर माला डलवाई गई। इसके अलावा संस्था द्वारा नव जोड़ों को एक सिंगल बेड़, साइकिल, बर्तन, एक सिलाई मशीन, दस कपड़े जोड़े सहित जरूरी सामान दिया गया, जिसके बाद शाम तक नव जोड़ों की रुखसती का सिलसिला चलता रहा।