कैराना। कस्बे में मुस्लिम समाज के लोगों ने मोमबत्तियां जलाकर आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी। खुदा की बारगाह में हाथ उठाकर दुआ मांगी।
शुक्रवार शाम मोहल्ला दरबारकलां में स्थित पालिका सभासद पुत्र मोहम्मद दानिश के आवास पर शोकसभा हुई। जिसमें मुस्लिम समाज के लोगों ने पुलवामा में हुए आतंकी हमले की निंदा की। कहा कि उनकी सहानुभूति शहीद परिवारों के साथ ह। मोहम्मद दानिश ने कहा कि आज पुलवामा हमले में शहीद होने वाले जवान हमारे बीच तो नहीं, लेकिन वे हमेशा दिलों में जिंदा रहेंगे। वे हर संभव मदद के लिए शहीदों के परिवारों के साथ हैं। शोकसभा के दौरान शहीदों के लिए मोमबत्तियां जलाई गईं। इस दौरान सभासद पुत्र मोहम्मद दानिश, डॉक्टर तौसीफ, डॉ. अज्मतुल्लाह, हाफिज सालिम, इरफान खान, इदरीस खान, साबिर अली, फरमान अली, फारूख अली आदि मौजूद रहे।
शोक में बंद रहा कैराना सरकारी अस्पताल
कैराना। जवानों की शहादत के गम में शनिवार को कैराना का सरकारी अस्पताल भी बंद रहा। सुबह अस्पताल में चिकित्साधीक्षक डॉक्टर भानु प्रकाश की अध्यक्षता में शोकसभा आयोजित की गई। जिसमें अस्पताल के समस्त स्टाफ ने भाग लिया और दो मिनट का मौन धारण कर दिवंगत आत्माओं की शांति, परिवार को इस दु:ख को सहन करने सहित घायल जवानों के यथाशीघ्र स्वास्थ्यलाभ की काम की गई। इस दौरान अस्पताल का समस्त स्टाफ मौजूद रहा।
स्कूलों में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी
कैराना। शनिवार को भी विभिन्न स्कूलों में पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देने का सिलसिला जारी रहा। पब्लिक इंटर कॉलेज में शिक्षकों तथा विद्यार्थियों द्वारा कैंडल जलाए गए। प्रधानाचार्य लालचंद वर्मा ने घटना को लेकर निंदा की। उन्होंने पीएम से मांग की है कि खून का एक-एक कतरा जाया नहीं जाना चाहिए। इस दौरान दो मिनट का मौन धारण कर आत्मशांति की प्रार्थना की। उधर, सेंट आरसी सांइटिफिक कान्वेंट स्कूल में आयोजित शोकसभा में दो मिनट का मौन रखकर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। विद्यालय प्रधानाचार्य यशपाल पंवार द्वारा शोक पत्र पढ़ा गया। समस्त स्कूल स्टाफ मौजूद रहा।