शामली। जिले की आशाओं ने 20 हजार रुपये प्रति माह न्यूनतम वेतन दिए जाने की मांग को लेकर कलक्ट्रेट में छठे दिन बेमियादी धरना जारी रहा। आशाओं ने कहा कि धरने के दौरान आशाओं ने टीकाकरण का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। आशाओं के संगठन की जिलाध्यक्ष बबीता ने कहा कि आंदोलन के दौरान आशाएं टीकाकरण करतीं पाए जाने पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
सोमवार को कलक्ट्रेट परिसर में जिले की सैकड़ों आशाओं का बेमियादी धरना छठे दिन जारी रहा हैं। आशाओं ने कहा कि शासन के निर्देश पर आशाओं को एक हजार रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जा रहा है, जबकि आशाओं को 24 घंटे ड्यूटी करने की जिम्मेदारी गई हैं। जिसमें गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण, शिशुओं की देखभाल व उनके भोजन व टीकाकरण आदि के सर्वे आदि कार्य दिए गए है। जिससे आशाएं अपने घरों में कई-कई दिनों में पहुंच पाती है। कम वेतन मिलने से वह अपनी आजीविका नहीं चला पा रही हैं। आशाओं ने 20 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन दिए जाने की मांग की गई। मानदेय की मांग पूरी न होने पर कलक्ट्रेट में बेमियादी धरना जारी रहेगा। मांगों को लेकर सीएमओ व एडीएम को ज्ञापन सौंप चुके हैं। आशा संगठन की जिलाध्यक्ष बबीता ने कहा कि आशाओं ने कहा कि मानदेय की मांग पूूरी होने तक उनका कलक्ट्रेट में बेमियादी धरना जारी रहेगा। धरने के दौरान टीकाकरण करती पाए जाने पर आशाओं पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। मौके पर आशाओं में बबीता, सीमा, शबनम, सुषमा, सलौनी, मिनाक्षी, मनीषा, मंजूपाल, प्रवीता पाल, नीतू, सुधा, कृष्णा, शबनम, सुषमा, सीमा, बबली, शारदा, रश्मि, सरिता, मंजू, रविता, मुनेश, विशाखा राकेश, सोनिया, अंजू, राखी, आदि शामिल रही।