किसान, युवा, दंगा और पलायन पर हो सकता है सीएम का फोकस
शामली। कैराना लोकसभा सीट के उपचुनाव में मचे घमासान के बीच बृहस्पतिवार को होने वाली मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभा कई मायने में अहम मानी जा रही है। पूर्व में जिस तरह योगी आदित्यनाथ कैराना पलायन और दंगे को लेकर विपक्षी दलों पर हमलावर रहे हैं, उसी तर्ज पर शामली की जनसभा में भी मुख्यमंत्री के फोकस में किसान, युवा, मुजफ्फरनगर दंगा और कैराना पलायन हो सकते हैं।
मंगलवार को सहारनपुर के गंगोह में हुई जनसभा में भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों के ऋण माफी, रिकार्ड गन्ना मूल्य भुगतान सहित विपक्षी गठबंधन रहा था। वहीं, पूर्व में वह मुजफ्फरनगर सांप्रदायिक दंगा और कैराना पलायन प्रकरण पर भी मुखर होकर बोलते रहे हैं। गुंडागर्दी के कारण कैराना पलायन प्रकरण उठा था, जिसके बाद भाजपा ने उसे बड़ा मुद्दा बनाया था। ऐसे में जाहिर है कि कानून व्यवस्था ठीक करने के लिए बदमाशों के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर भी मुख्यमंत्री बोल सकते हैं। चूंकि पूर्व में भी भाजपा के नेता मुजफ्फरनगर के सांप्रदायिक दंगे के मुकदमों की वापसी और कैराना पलायन को मुद्दा बनाते रहे हैं। इसके अलावा शामली जनपद कृषि प्रधान क्षेत्र है और गन्ना बेल्ट कही जाती है। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ किसानों की ऋण माफी, गन्ना मूल्य भुगतान और बंद शुगर मिलों को प्रारंभ कराने तथा पूर्व के वर्षों की अपेक्षा इस साल हुए गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर भी विपक्ष पर निशाना साधेंगे। वहीं, योगी आदित्यनाथ शामली जनपद में पहली बार किसी चुनावी जनसभा को संबोधित करने पहुंच रहे हैं। अब देखना यह है कि योगी आदित्यनाथ के तरकश से निकलने वाले तीरों के जरिये कैराना लोकसभा सीट के उपचुनाव पर क्या प्रभाव पड़ता है।