मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता वाली प्रदेश कैबिनेट कमेटी के द्वारा शिक्षामित्रों को दस हजार रुपये दिए जाने का फैसला किया है। जिसको शिक्षामित्रों ने मानने से इंकार कर दिया है। शिक्षामित्र प्रदेश अध्यक्ष के आह्वान पर फिर से समान कार्य समान वेतन की मांग को लेकर आज से बीएसए कार्यालय पर शिक्षण कार्य छोड़कर धरना प्रदर्शन शुरू करेंगे।
मंगलवार को सीएम की अध्यक्षता में बनाई गई प्रदेश कैबिनेट कमेेटी ने शिक्षामित्रों को लाभ देने के लिए 3500 रुपये से बढ़ाकर 10 हजार रुपये मानदेय करने के फैसले पर मुहर लगाई है। फैसले को शिक्षामित्रों ने मानने से इंकार कर दिया है। शामली शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष चैनपाल सिंह ने बताया कि लखनऊ में आयोजित धरने के बाद मुख्यमंत्री ने प्रदेश कैबिनेट कमेटी बनाकर शिक्षामित्रों के पक्ष में फैसला लेने का आश्वासन दिया था। जिसके लिए फैसले सुनाने से पहले वार्ता के लिए शिक्षामित्र संघ की पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी। जिसमें संघ के प्रदेश अध्यक्ष, महामंत्री, कोषाध्यक्ष को चुना गया था, लेकिन प्रदेश कैबिनेट कमेटी ने शिक्षामित्रों की कमेटी से वार्ता किए बिना ही फैसले पर मुहर लगा दी है।
उन्होंने बताया कि फैसले के बाद सभी शिक्षामित्रों ने बुधवार को स्कूलों में शिक्षण कार्य का बहिष्कार किया। प्रदेश अध्यक्ष राजीव, जितेंद्र शाही के आह्वान पर बृहस्पतिवार से फिर शिक्षण कार्य बंद कर बीएसए कार्यालय पर समान कार्य समान वेतन को लेकर धरना प्रदर्शन की हुंकार भरेंगे। वहीं शिक्षामित्र बबीता, मृदुला, प्रतिभा और विभा ने कहा कि अगर सरकार 3500 रुपये से बढ़ाकर 10 हजार रुपयें करती तो शिक्षामित्रों को खुशी होती। लेकिन सरकार ने तो 40 हजार से सीधे 10 हजार रुपये पर ला दिया है।
आज से फिर 80 स्कूलों पर लटक जाएगा ताला
शासन के फैसले से नाखुश 80 स्कूलों में तैनात लगभग 856 शिक्षामित्र शिक्षण कार्य बंद कर आंदोलन में कूद जाएंगे। जिस कारण फिर से सभी प्राथमिक स्कूलों पर ताले लटक जाएंगे। अब से पहले भी शिक्षामित्र समायोजन को लेकर बीएसए कार्यालय पर कई बार धरना प्रदर्शन कर चुके हैं। जिसके बाद सभी स्कूल बंद रहे। अधिकारी आज तक स्कूलों को खुला रखने की कोई व्यवस्था नहीं कर सके। पूछा जाता है तो कह दिया जाता है कि सभी स्कूलों में अन्य स्कूलों से एक-एक शिक्षक तैनात कर दिया गया है। जबकि पूर्व में शिक्षामित्रों के आंदोलन के चलते सभी स्कूल बंद रहे थे, इस बार भी स्कूलों में पढ़ाई ठप रहेगी।