जीएसटी पर व्यापारी असमंजस में
शामली। प्रदेश में एक जुलाई से जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) प्रणाली लागू हो जाएगी। उद्यमियों से लेकर व्यापारियों को सामान की खरीद और बिक्री का पूरा ब्योरा ऑनलाइन दर्ज करना होगा। जीएसटी को लेकर व्यापारी अभी तक असमंजस की स्थिति में है। इस उधेड़बुन में व्यापारियों ने करीब 15 दिन से सामान मंगाना भी बंद कर दिया है। इंडस्ट्री संचालकों ने भी कच्चा माल मंगाना बंद कर दिया है। व्यापारियों ने कहा कि पहले नोटबंदी अब जीएसटी ने परेशानी में डाल दिया है।
एक जुलाई से लागू होने वाले जीएसटी के लिए व्यापारी कितने तैयार हैं इस संबंध में जानने के लिए अमर उजाला टीम ने विभिन्न ट्रेडों के व्यापारियों से बातचीत की। हर किसी की जुबां पर बस यही बात थी कि सरकार जीएसटी लागू करने जा रही है, लेकिन व्यापारियों को अभी इस व्यवस्था को लागू करने के बारे में पूरी जानकारी नहीं है। काफी व्यापारी वाणिज्यकर विभाग से जीएसटी नंबर ले चुके हैं, तो बड़ी संख्या में अभी व्यापारियों ने नंबर नहीं लिया है। बगैर जीएसटी नंबर के खरीद और बिक्री का ब्योरा महीने में तीन बार ऑनलाइन फीड करने में भी दिक्कतों का सामना करना होगा। व्यापारियों का कहना है कि पहले तो नोटबंदी ने परेशान किया था, अब जीएसटी आ गया। इन हालातों में व्यापारियों को व्यापार करना कठिन हो गया है।
---- मोबाइल फोन विक्रेता --
मोबाइल विक्रेताओं के पास कई करोड़ रुपये का पुराना स्टाक है। चुनिंदा व्यापारियों की बात करें, तो किसी के पास 10 तो किसी के पास 20 लाख रुपये कीमत के मोबाइल फोन स्टाक में रखे हैं। मोबाइल व्यापारी पुल्कित जैन, नीरज कुमार संगल और विनीत गर्ग ने बताया कि जीएसटी की पूरी जानकारी न होने से टेंशन बनी हुई है। 22 जून के बाद से नए माल के लिए ऑर्डर नहीं दे पा रहे हैं। पुराने स्टॉक को किसी तरह कम दाम और घाटे से निकालना पड़ रहा है। व्यापारियों ने बताया कि कुछ कंपनी ने भी नया माल भेजना बंद कर रखा है। वहीं, कुछ कंपनियों ने पुराने स्टॉक पर होने वाले नुकसान में मदद करने का आश्वासन दिया है।
--- गारमेंटस, शूज और किराना व्यापारी --
कपिल बंसल, अमित गोयल व रवींद्र ने बताया कि कंपनी माल नहीं भेज रही है, जिससे व्यापार में नुकसान हो रहा है। माल नहीं होने के कारण ग्राहक वापस जा रहे हैं। अबकी बार पूरा सीजन ऐसे ही निकल गया। अधिकारी भी जीएसटी की पूरी जानकारी नहीं दे रहे हैं। आलम यह है कि वाणिज्यकर अधिकारियों के साथ ही सेल्स टैक्स अधिवक्ता भी ठीक से जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। शूज विक्रेता विनय ने कहा कि जीएसटी की पूरी जानकारी नहीं है। फिलहाल वह नया ऑर्डर नहीं दे पा रहे हैं। पंसारी प्रमोद ने बताया कि माल नहीं आने से ग्राहक वापस जा रहे है, जिससे नुकसान हो रहा है। पिछले दस दिनों से टाइम पास कर रहे हैं। अभी किसी को भी जीएसटी की पूरी जानकारी नहीं है, जिससे भय बना हुआ है।
दस दिन के लिए बंद हो सकता है उद्योग
कंडेला औद्योगिक क्षेत्र में बालाजी बैटरी उद्योग के संचालक मुकेश जिंदल, शंकर फूड इंडस्ट्री के संचालक नितेश जिंदल, आरके क्रॉकरी इंडस्ट्री संचालक सचिन गर्ग और उद्यमी अंकित गोयल का कहना है कि जीएसटी को लेकर काफी उलझनें हैं, जिन्हें वाणिज्यकर विभाग दूर नहीं कर पा रहा है। बीते 15 दिन से फैक्ट्रियों में कच्चा माल नहीं मंगाया जा रहा तथा आपूर्ति के लिए नए ऑर्डर भी नहीं ले पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक से 10 जुलाई तक उद्योग बंद रखने पर विचार किया जा रहा है।
--- 30 जून को डीएम को देंगे ज्ञापन
पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष घनश्यामदास गर्ग ने बताया कि जीएसटी में व्याप्त खामियों को दूर कराने के संबंध में 30 जून को केंद्रीय वित मंत्री अरुण जेटली के नाम संबोधित ज्ञापन प्रत्येक जिले में जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा। उन्होंने बताया कि रिटर्न दाखिल करने में छोटी छोटी त्रुटियों पर लगने वाले पेनल्टी के प्राविधान और पीवी विल को एक वर्ष के लिए स्थगित किया जाए। प्रतिमाह और तिमाही रिटर्न दाखिल करने में त्रुटि होने पर रिवाइज्ड रिटर्न भरने का समय व्यापारी को दिया जाए। कपड़े पर अभी एक वर्ष तक जीएसटी प्रणाली स्थगित रखी जाए। मंडी समिति शुल्क समाप्त करके इसे जीएसटी में समायोजित किया जाए। जीएसटी लागू होने पर संभावित इंस्पेक्टर राज को हावी होने से रोकने के व्यापक प्रबंध किए जाने संबंधी मांग ज्ञापन में की जाएगी।