शामली। कांधला क्षेत्र में दस दिनों में बीमारियों के चलते आठ मौतें होने की खबरें मीडिया में सुर्खियां बनने के बाद महकमे की नींद टूट गई। इसी के चलते मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कांधला में जाकर मौतों की हकीकत जानने का प्रयास किया।
कांधला में नौ सितंबर को पवरीन पत्नी इरफान की मौत हो गई थी। इसके बाद 22 सितंबर को कस्बे के मोहल्ला खैल में कमल पुत्र राकेश की मौत दिल्ली में उपचार के दौरान दिल्ली में बुखार से हो गई थी तथा मोहल्ला खैल की ही बसीरी पत्नी जाहिद की मौत हो गई थी। यही नहीं 26 सितंबर को गढ़ी दौलत में मूदी पत्नी नेकी, अख्तर उम्र साठ वर्ष, इसके अलावा खैरुनिशा पत्नी अहसान की मौत हो गई थी। इसकी खबर से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया।
मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन मौतों की जांच के लिए एक दल का गठन एसीएमओ डा. अरविंद कुमार अग्रवाल के नेतृत्व में किया गया। टीम ने वहां पर जाकर इन मौतों का कारण जाना। डा. अरविंद कुमार अग्रवाल ने बताया कि मूदी की मौत किडनी फेल, बसीरी की मौत टीबी और निमोनिया, अख्तर की मौत उल्टी दस्त, कमल की मौत बुखार से, खैरूनिशा की मौत बुखार और चिकनगुनिया, परवीन की मौत छाती में दर्ज होने की वजह से बताई। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी अरविंद कुमार अग्रवाल, कांधला चिकित्साधीक्षक कांति प्रसाद, संक्रामक रोक विशेषज्ञ शाइस्ता खान, तौहीद खान पीपीएम कांधाला, प्रवेज तालिब आदि मौजूद रहे।