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Shamli News: मरने के बाद 565 लेते रहे पेंशन, 22 पेंशन धारक लापता

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शामली। समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थियों के सत्यापन में बड़ा खुलासा हुआ है। जिले में 565 पेंशन धारक मृत और 22 लापता मिले हैं। विभाग की ओर से मृतक व अपात्र लाभार्थियों की वृद्धावस्था पेंशन पर रोक लगा दी गई है। साथ ही नोटिस भी जारी किए गए हैं।
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समाज कल्याण विभाग की ओर से वृद्ध, दिव्यांग और किसान पेंशन दी जाती है। वृद्धों को एक हजार रुपये प्रति माह दिए जाते हैं, जो प्रत्येक तीन माह में वृद्धों के खातों में भेजे जाते हैं। जिले में वर्तमान में 38 हजार 577 को वृद्धा पेंशन दी जा रही है।

विभाग की ओर से पिछले दिनों टीमें लगाकर जिले भर में वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ ले रहे पेंशनधारकों का सत्यापन कराया गया। इसके लिए शहरी क्षेत्र में राजस्व विभाग के लेखपाल और ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत सचिवों को सत्यापन की जिम्मेदारी सौंपी गई।
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सत्यापन के दौरान 565 लाभार्थी ऐसे मिले जिनकी मृत्यु हो चुकी है और उनके खातों में पेंशन जा रही थी जिनमें महिला वृद्धापेंशन धारक 237 एवं पुरुष पेंशन धारक 328 हैं।
जबकि 22 लाभार्थियों का पता नहीं चल पा रहा है, आखिर वह पेंशन लेकर कहां चले गए हैं। विभाग की ओर से मृतक व अपात्र लाभार्थियों की पेंशन पर तत्काल रोक लगा दी गई है। अब समाज कल्याण विभाग की ओर से पेंशन के संबंध में बैंकों से डिटेल मांगी जाएगी और खातों से पेंशन की रकम वापस कराई जाएगी।
उधर, जिला समाज कल्याण अधिकारी ऋतु रस्तौगी का कहना है कि प्रतिवर्ष वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थियों का सत्यापन कराया जाता है। सत्यापन में मृतक व अपात्र मिले लाभार्थियों की पेंशन पर रोक लगा दी गई है। बैंकों को भी पत्र लिखा जा रहा है।
- बीनड़ा गांव निवासी कमलेश के खाते में पिछले करीब छह माह से पेंशन भेजी जा रही थी जबकि पता चला है कि कमलेश की मौत हो चुकी है।
- अलीपुर गांव के अब्बाास की भी मौत के बावजूद छह माह से खाते में पेंशन की रकम भेजी जा रही थी। सत्यापन के दौरान इसका पता चला। अब परिजनों को रिकवरी नोटिस जारी किया गया।

परिजन नहीं देते सूचना

समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, हर साल समाज कल्याण विभाग की ओर से पंजीकृत पेंशनधारकों का सत्यापन कराया जाता है। आमतौर पर परिजनों की ओर से पेंशन लाभार्थियों की मृत्यु की सूचना विभाग को नहीं दी जाती। ऐसे में विभाग खातों में पेंशन भेजता रहता है। साल में एक बार ही लाभार्थियों का सत्यापन हो पाता है। सत्यापन के बाद मृतक लाभार्थियों की पेंशन पर रोक लगती है।
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