शामली। न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग शामली ने गैस सिलिंडर लीक होने से घर में आग लगने से सामान जलने के मामले में सुनवाई की। आयोग ने हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के रीजनल मैनेजर लोनी, गाजियाबाद और सहकारी क्रय विक्रय समिति लिमिटेड शामली को संयुक्त रूप से 5.60 लाख रुपये जुर्माना अदा करने का आदेश सुनाया है।
शहर के मोहल्ला नौकुआं रोड घेरबुखारी निवासी खुर्शीद अहमद ने आयोग में 17 फरवरी 2018 को द ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी बुढ़ाना रोड शामली, द न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी शामली, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन रीजनल मैनेजर लोनी गाजियाबाद, सहकारी क्रय विक्रय समिति लिमिटेड गांधीगंज शामली और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड अंसारी रोड मुजफ्फरनगर के विरुद्ध परिवाद दायर कराया था।
परिवादी का कहना था कि सहकारी क्रय विक्रय समिति से सात अप्रैल 2016 को अपने कनेक्शन से गैस सिलिंडर प्राप्त किया और शाम सात बजे रसोई में लगाया। गैस खोलने पर सिलिंडर में आग लग गई। आग पूरे मकान में फैल गई और घर के डिब्बे में रखे तीन लाख 60 हजार रुपये, फ्रिज, बर्तन, सिलाई मशीन, वाशिंग मशीन, पंखा, सोने-चांदी के जेवर आदि सामान जल गया। पुलिस और दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई थी।
वादी का कहना था कि कंपनी की तकनीकी खराबी के कारण यह हादसा हुआ, जिसकी पूर्ण रूप से जिम्मेदारी कंपनी सर्विस स्टेशन इंश्योरेंस कंपनी की है। कंपनी सिक्योरिटी द्वारा सभी प्रकार से गैस लीकेज या केमिकल सिलिंडर की जांच पूर्ण रूप से उच्च स्तर पैमाने पर होती है, लेकिन कंपनी की सेवा में कमी, लापरवाही और सर्विस स्टेशन की त्रुटि के कारण उसके साथ घटना घटित हुई है। इससे वादी को गहरा सदमा लगा और मेरठ के अस्पताल में इलाज चल रहा है।
आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता ने हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन रीजनल मैनेजर लोनी और सहकारी क्रय विक्रय समिति लिमिटेड शामली को आदेशित किया कि वादी को सप्लाई किए गए लीकेज गैस सिलिंडर के कारण आग लगने से घर में रखा सारा सामान नष्ट होने और मकान की छत एवं दीवारें क्षतिग्रस्त होने, परिवादी को हुई मानसिक, आर्थिक और शारीरिक क्षतिपूर्ति हेतु पांच लाख रुपये और वाद खर्च दस हजार रुपये परिवादी को अदा करने हेतु आयोग में जमा करें। इसके अलावा इन दोनों की सेवा में कमी एवं अनुचित व्यापार व्यवहार करने के लिए संयुक्त रूप से 50 हजार रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया। अर्थदंड की धनराशि वादी को देय न होकर नियमानुसार राजकोष में जमा की जाएगी।
आयोग ने यह भी आदेशित किया कि वादी की क्षतिपूर्ति किए जाने के पश्चात यदि नियम है तो उसके अनुसार द ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी शामली और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड मुजफ्फरनगर से बीमा क्लेम पाने के अधिकारी होंगे।