मनमाफिक सहयोगी के हस्ताक्षर नहीं करा पाएंगे सीएचसी प्रभारी
शामली। भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए सीएमओ ने पूरे जिले में सभी सीएचसी प्रभारियों के मनचाहे सहयोगियों से चेक पर सेकेंड्री सिग्नेचर का अधिकार छीन लिया। उन्होंने वित्तीय मामलों में सीएचसी प्रभारियों के सेकेंड्री हस्ताक्षर बदल दिए। अब सीएचसी प्रभारी अपनी मर्जी से किसी भी वित्तीय मामलों में अपने मनचाहे व्यक्ति के हस्ताक्षर नहीं करा पाएंगे।
दरअसल शामली जिले में पांच सीएचसी है। सभी सीएचसी पर साल में लाखों रुपयों के वित्तीय कार्य किए जाते हैं। नियम है कि सरकारी संस्था में वित्तीय मामलों में सहयोगी के हस्ताक्षरों की जरूरत होती है। पहले सीएचसी प्रभारी ही अपनी मर्जी से अपने खास व्यक्ति को सहयोगी चुनते थे और उनसे ही हस्ताक्षर कराते थे। ऐसे में भ्रष्टाचार की गुंजाइश रहती थी और कई बार इसकी शिकायतें भी हो जाती है, लेकिन अब सीएचसी प्रभारी ऐसा नहीं कर पाएंगे। सीएमओ ने इसे रोकने के लिए पूरे जिले की सभी सीएचसी पर सेकेंड्री हस्ताक्षर करने वाले लोगों से तत्काल प्रभाव से अधिकार छीन लिया। सीएमओ ने सभी सीएचसी पर जिले से ही सेकेंड्री हस्ताक्षर करने वाले को नामित किया है। सीएमओ के आदेश पर सीएचसी शामली में डाक्टर जगमोहन, कांधला डाक्टर रामवीर सिंह, कैराना में मोहम्मद सलीम, थानाभवन में मोहम्मद वासिल, कुड़ाना में डाक्टर चंदन पांडेय, ऊन में डाक्टर दिनेश कुमार को वित्तीय मामलों में सेकेंड्री हस्ताक्षर करने के लिए नामित है। शनिवार शाम इस संबंध में सीएमओ ने आदेश जारी कर दिए है।
वित्तीय मामलों में अब सीएचसी प्रभारी अपना मनचाहा सहयोगी नहीं कर पाएंगे। इसके लिए जिलास्तर से डॉक्टर नामित किए गए हैं, ताकि किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं हो।
-डाक्टर राजकुमार
सीएमओ