50 thousand fine if road construction construction material was poured
शामली। शहर में सड़क किनारे या दुकानों के बाहर अनाधिकृत रूप से भवन निर्माण सामग्री डालकर वायु प्रदूषण फैलाने और अतिक्रमण करने वालों पर नगरपालिका ने शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। पालिका ने करीब 12 दुकानदारों को डाली गई निर्माण सामग्री को हटाने के नोटिस जारी किए गए थे। पालिका ने सामग्री न हटाने वालों पर 50 हजार रुपये जुर्माना वसूलने की तैयारी की है।
शहर में कई स्थानों पर दुकानों के बाहर सड़क किनारे भवन निर्माण सामग्री रोड़ी, डस्ट, कवरसेंट और रेत आदि को डालकर बेचा जा रहा है। पालिका के अधिशासी अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि इन निर्माण सामग्री पर पानी आदि का न तो छिड़काव किया जाता और न ही उन्हें ढककर रखा जाता है। सड़क किनारे इस तरह खुले निर्माण सामग्री बेचे जाने से वायु प्रदूषण फैल रहा है। दिल्ली एनसीआर में शामिल जनपद शामली में एनजीटी के वायु प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के स्पष्ट आदेश है। उन्होंने बताया एनजीटी के आदेशों के अनुपालन में कराए गए सर्वे में सड़क किनारे भवन निर्माण सामग्री डालने वाली 12 दुकानों को चिह्नित किया गया है। करीब 15 दिन पहले उन्हें भवन निर्माण सामग्री हटाने के नोटिस जारी कर चेतावनी दी गई थी, लेकिन इसके बाद भी निर्माण सामग्री नहीं हटाई गई है।
अधिशासी अधिकारी ने बताया कि एनजीटी के नियमानुसार वायु प्रदूषण फैलाने वाले लोगों से 50 हजार रुपये जुर्माना वसूलने का प्रावधान है। इसके तहत भवन निर्माण सामग्री न हटाने वाली दुकानों से जुर्माना वसूली के नोटिस जारी किए जा रहे है। इसकी तैयारी कर ली गई है। पालिका अधिकारी ने बताया कि अगर जुर्माना राशि जमा नहीं कराया जाता तो उनके खिलाफ नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।