शामली। मेरठ-पानीपत नई रेलवे लाइन के लिए 473 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण की जाएगी। वहीं, नई रेलवे लाइन वर्ष 2021-22 में बनकर तैयार होने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस परियोजना में 80 ओवरब्रिज 67 पुल बनेंगे। मेरठ-पानीपत नई रेलवे लाइन की परियोजना लंबे समय से मांग की जा रही है।
वर्ष 1999 में तत्कालीन रेलमंत्री ममता बनर्जी ने इस रेलवे लाइन के सर्वे कराने की वकालत की थी। मोदी सरकार में वर्ष 2016 के रेलवे बजट में रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने 2200 करोड़ रुपये की व्यवस्था की थी। मेरठ-पानीपत नई रेलवे लाइन की स्थापना के लिए कई बार रेल मंत्री पीयूष गोयल को जनप्रतिनिधि पत्र लिखकर मांग की जाती रही है। कैराना क्षेत्र के झाड़खेडी गांव निवासी समाजसेवी संजय कुमार सैनी द्वारा जनसूचना अधिकार के तहत आठ बिंदुओ पर उत्तर रेलवे नई दिल्ली से जानकारी मांगी गई थी।
नई दिल्ली तिलक ब्रिज सर्वे व निर्माण के उपमुख्य अभियंता द्वारा गत 12 दिसंबर 2017 को जनसूचना अधिकार के तहत दी गई जानकारी के मुताबिक मेरठ-पानीपत नई रेलवे लाइन के नए सर्वे प्रोजेक्ट में पानीपत से दिवाना, शिमला गुजरान, बापौली, तितरवाड़ा, गंगेरू, एलम, गढ़ीराजपुर, जौला, बुढ़ाना, मुल्हेड़ा, सरधना से दौराला होकर मेरठ के रेलवे स्टेशन को जोड़ेगी।
नई रेलवे लाइन पर 80 ओवरब्रिज और 67 रेलवे पुल बनाए जाएंगे, जबकि रेलवे मार्ग पर कोई भी रेलवे फाटक प्रस्तावित नहीं है। मेेेरठ-पानीपत नई रेलवे लाइन के प्रोजेक्ट की कार्ययोजना पांच साल की होगी। सर्वे रिपोर्ट जुलाई 2016 के अनुुसार रेलवे लाइन 2021-22 में बनकर तैयार होना प्रस्तावित है। रेलवे बोर्ड की स्वीकृति के बाद ही इस परियोजना पर कार्य किया जाएगा।
मेरठ-पानीपत नई रेलवे परियोजना मेें लगभग 473 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण करने का प्रस्ताव हैं। मेरठ-पानीपत नई रेलवे लाइन को दिल्ली-शामली सहारनपुर रेलवे लाइन को एलम स्टेशन से जोड़ने का प्रस्ताव है। इस परियोजना में वर्ष 2016-17 में दो लाख रुपये आवंटित होने के बारे में जानकारी इस कार्यालय में उपलब्ध नही हैं।
कैथल वाया शामली मेरठ का सर्वे दो साल में होगा सर्वे पूरा
कैथल-करनाल वाया शामली मेरठ नई रेलवे लाइन का सर्वे रेलवे बोर्ड द्वारा वर्ष 2018-19 में पूरा हो जाएगा। नई दिल्ली तिलक ब्रिज के उप मुुख्य अभियंता के मुताबिक कैथल-करनाल वाया शामली-मेरठ नई रेलवे लाइन का टोह इंजीनियरिंग एवं यातायात सर्वे रेलवे बोर्ड द्वारा वर्ष 2016-17 में स्वीकृत हुआ था। इस लाइन का सर्वे प्रगति पर प्रगति पर है, जो वर्ष 2018-19 में पूरा होना प्रस्तावित है।