अमर उजाला ब्यूरो
जिला विद्यालय निरीक्षक ने लगभग 15 दिन पहले कार्यालय में तैनात में जिला समन्वयक को कार्यों में लापरवाही और अन्य मामलों में लिप्त मिलने पर कार्रवाई करते हुए उनके मूल विद्यालय भेज दिया था। वहीं उन्हें एक सप्ताह के अंदर अपने पटल का चार्ज सौंपने के निर्देश दिए थे। अभी तक भी चार्ज न सौंपने डीआईओएस ने समिति गठित करते हुए अलमारी का ताला तुड़वाया और सभी फाइलों की सूची तैैयार कराने के निर्देश दिए।
डीआईओएस अनुराधा शर्मा ने 13 सितंबर को कार्यालय में वर्ष 2011 से तैनात जिला समन्वयक मदनपाल को कार्यों में लापरवाही, अधिकारियों के प्रति शिक्षकों को भड़काना, कार्यालय के अभिलेख इधर उधर करने सहित कई मामलों में लिप्त होने पर उन्हें उनके मूल विद्यालय भेज दिया था। उन्हें उच्च प्राथमिक विद्यालय इदरीशपुर बड़ौत बागपत में तैनात होना बताया गया है। डीआईओएस उन्हें कार्यमुक्त करते हुए निर्देश दिए थे कि वह एक सप्ताह के अंदर अपने पटल का कार्यभार सौंप दे। डीआईओएस ने बताया कि उनके द्वारा 28 सितंबर तक भी कार्यभार नहीं सौंपा गया। जिसके चलते शुक्रवार को उनकी अलमारी का ताला तोड़ने के लिए समिति गठित की गई। जिसमें वित्त एवं लेखाधिकारी राजेंद्र कुमार कौशिक अध्यक्ष, वरिष्ठ सहायक मुकेश लाल सदस्य, वरिष्ठ सहायक भारत, लेखाकार आनंद कुमार को सदस्य बनाया गया है। जिनके द्वारा शनिवार में दोपहर के समय समिति के सदस्यों द्वारा अलमारी का ताला तोड़कर फाइलें कब्जे में ले ली। जिला विद्यालय निरीक्षक अनुराधा शर्मा ने बताया कि अलमारी में रखी सभी फाइलों की सूची तैयार कराने के निर्देश दिए है। पिछले कई दिन से मदनपाल को फोन लगाया जा रहा था, लेकिन उनका फोन बंद जा रहा है। जिसके चलते यह कदम उठाया गया है। उनके द्वारा अभी स्कूल में भी कार्यभार ग्रहण नहीं किया गया है।
महत्वपूर्ण
- डीसी के चार्ज नहीं सौंपने पर डीआईओएस ने कार्रवाई की