गंदगी भरे पानी से गुजरकर जाने को मजबूर हैं स्कूली बच्चे
बाबरी।
बाबरी के सोंटा गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान के विकास कार्यों से नाराज होकर पंचायत बुलाई। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर गांव में सफाई न कराने के साथ ही गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में सफाई न होने से बच्चों को स्कूल में गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिसकी शिकायत व डीएम से करेंगे।
सोमवार शाम को ग्राम प्रधान के विकास कार्य से खुश न होने पर ग्रामीणों ने पंचायत बुलाई। अध्यक्षता चौधरी सोराज सिंह व संचालन सुधीर कुमार ने किया। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर सफाई न कराने का आरोप लगाया, जिसकी वजह से स्कूली बच्चे गंदे पानी से होकर रोज स्कूल जाते हैं। नतीजतन गांव में बीमारी की हालात पैदा हो गए हैं। गांव में भरे पानी की वजह से मच्छर पैदा हो गए हैं। वहीं, ग्राम प्रधान के पति पर लोगों ने काम की शिकायत करने पर अभद्रता करने का भी आरोप लगाया। गांव में सफाई कर्मचारी भी नहीं हैं। एक वर्ष से स्कूल के बच्चे घर से नहाकर स्कूल को जाते हैं, लेकिन स्कूली बच्चे रास्ते में तालाब के गंदे पानी से निकलकर जाने को मजबूर हो जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उक्त तालाब में पंपिंग सेट के द्वारा पानी की निकासी की जाती थी, लेकिन ग्राम प्रधान के द्वारा उक्त पंपिंग सेट को तालाब से हटा दिया। वहीं, ग्राम प्रधान के पति गौतम पर ग्रामीणों ने हैंडपंप के री-बोर व अन्य विकास कार्यों में भी गबन का आरोप भी लगाया। ग्रामीणों ने कहा कि उक्त प्रकरण में ग्रामीण जिलाधिकारी को शिकायत करेंगे। इस दौरान कैप्टन सोमपाल सिंह, सुकरमपाल, सुधीर कुमार, बिजेंद्र सिंह, बबलू ,कपिल, रोहताश, मनोज, सतपाल, मिंटू आदि मौजूद रहे। वहीं, ग्राम प्रधान के पति गौतम का कहना है कि पिछले पांच माह से ग्राम सचिव का पद खाली चल रहा है। नतीजतन गांव में कोई भी विकास कार्य नहीं हो पा रहा है। इस विषय में उन्होंने कई बार सीडीओ से भी मिलकर नियुक्ति कराने की मांग कर चुके हैं। सचिव की नियुक्ति होने पर विकास कार्य प्रारंभ करा दिए जाएंगे।