मातृ वंदना योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण जिले में 1700 से अधिक लाभार्थियों को योजना का लाभ नहीं मिल सका।
वर्ष 2017 में शुरू हुई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना मातृ वंदना योजना के तहत पूरे जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा सर्वे कराया गया। सर्वे के तहत जिले में 3937 पात्र चुने गए थे। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा पात्रों की कागजी कार्रवाई शुरू कर दी और 2211 पात्रों के फार्म भरकर पोर्टल पर अपलोड कर दिए गए। इनमें से ज्यादातर लाभार्थियों को योजना का लाभ मिल चुका है। उधर, वित्तीय वर्ष बीत चुका है। वित्तीय वर्ष 2017 बीत गया। सीएमओ ने योजना की समीक्षा की तो पता चला कि पूरे जिले में अभी भी गत वर्ष के 1726 लाभार्थियों को लाभ नहीं मिला है। लाभ ना मिलने कारण कागजी कार्रवाई पूरी नहीं होना है। अब शामली में 1726 लाभार्थी योजना के अधर में लटकने का कारण लाभार्थियों के स्तर पर कागजी कार्रवाई पूरी ना होना है या फिर स्वास्थ्य विभाग स्तर पर इस मामले में लापरवाही बरती गई। सीएमओ ने संज्ञान लेकर मामले में जांच करने के साथ ही सभी पात्रों को लाभ देने के निर्देश दिए है।
ये है मातृ वंदना योजना
केंद्र सरकार द्वारा पूरे देश में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना शुरू की गई थी। इस योजना के तहत पहले बच्चे वाली महिला के स्वास्थ्य विभाग में पंजीकरण के समय एक एक हजार रुपये, उसके बाद महिला की सभी जांच होने बाद दो हजार रुपये, जब महिला की डिलीवरी हो जाएगी तो दो हजार रुपये और महिला को दिए जाएंगे। एक हजार रुपये जेएसवाई योजना के तहत दिए जाते हैं।
आधार कार्ड और बैंक एकाउंट की समस्या
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत रजिस्ट्रेेशन के समय लाभार्थी का आधार कार्ड और बैंक अकाउंट होना जरूरी है। डीसीपीएम फईम अहमद के अनुसार पूरे जिले में 3900 से ज्यादा लाभार्थी चुने गए, जिनके कागजात पूरे हो गए, उनको लाभ मिल गया, लेकिन जो बच गए है तो वो कागजी कार्रवाई पूरी ना होने के कारण लटके है।
पूरे जिले में 3900 से अधिक पात्र महिलाएं चुनी गई, जिनमें से 2200 से ज्यादा को पूरा लाभ दिया जा चुका है, लेकिन अभी भी 1700 से अधिक महिलाओं को योजना का लाभ नहीं मिल पाया है, जिनके संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए है
-डाक्टर राजकुमार, सीएमओ।